अमेरिका और इज़राइल ने मिलकर ईरान पर हमला किया है। राजधानी तेहरान समेत ईरान के कई बड़े शहर एक के बाद एक मिसाइल हमलों से तबाह हो गए हैं। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। हालांकि, इस तरह की अशांति को हवा देने के लिए सऊदी क्राउन प्रिंस का नाम सामने आ रहा है। US मीडिया का दावा है कि सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने पर्सनली US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप को फोन करके ईरान पर हमले की बात कही है। हालांकि उन्होंने सबके सामने शांति और डिप्लोमैटिक हल के पक्ष में अपनी बात रखी। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि ईरान पर हमला करने के लिए सऊदी एयरस्पेस का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। लेकिन चुपके से वह ट्रंप से सीधा हमला करने की रिक्वेस्ट कर रहे हैं। इस बीच, US के हमले से वेस्ट एशिया में बड़े पैमाने पर तनाव फैल गया है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत से अशांति अपने चरम पर पहुंच गई है। कतर, यूनाइटेड अरब अमीरात और कई दूसरे देशों में सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है। पता चला है कि ईरान ने पहले ही सऊदी अरब जैसे अमेरिका के कुछ साथियों पर हमला करना शुरू कर दिया है। ऐसे में सऊदी अरब ने ईरानी एम्बेसडर को तलब किया है। देश के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर कहा, “ईरान के इस खुलेआम हमले के जवाब में सऊदी अरब में ईरान के राजदूत को तलब किया गया है।” यह ध्यान देने वाली बात है कि इस लड़ाई का इंटरनेशनल एयर ट्रैफिक पर बहुत बड़ा असर पड़ा है। एनालिस्ट के मुताबिक, अगर यह लड़ाई लंबी चली, तो इससे पूरे इलाके में बड़ी अस्थिरता पैदा हो जाएगी।
