पश्चिम बंगाल में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपये की कथित वसूली का मामला सामने आया है। झारग्राम में पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता और पूर्व विधानसभा उम्मीदवार अजीत महतो को नौकरी का वादा कर एक युवक से पैसे लेने और वापस मांगने पर धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता का दावा है कि कई किस्तों में रकम देने के बावजूद उसे नौकरी नहीं मिली। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। झारग्राम जिले के गोपीबल्लभपुर विधानसभा क्षेत्र से टीएमसी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके अजीत महतो पर एक स्थानीय निवासी सजल दास ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस के अनुसार, सजल दास ने शिकायत दर्ज कराई थी कि तृणमूल नेता ने सरकारी कार्यालय में नौकरी पक्की कराने का झांसा दिया था। इसके एवज में उनसे समय-समय पर किस्तों के रूप में कुल 10 लाख रुपये वसूले गए। शिकायतकर्ता का कहना है कि लंबी प्रतीक्षा के बाद भी जब उन्हें कोई नौकरी नहीं मिली, तो उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे। आरोप है कि पैसे वापस मांगने पर अजीत महतो ने उन्हें डराया-धमकाया और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि स्थानीय थाने में अजीत महतो के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें दर्ज थीं, लेकिन क्षेत्र में उनका राजनीतिक रसूख होने के कारण उन पर ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। हाल ही में जब सजल दास की तरफ से नए सिरे से पुख्ता शिकायत दर्ज कराई गई, तो पुलिस ने एक्शन लिया। गुरुवार देर रात पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाकर आरोपी को उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया। अजीत महतो ने इसी साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव में गोपीबल्लभपुर सीट से चुनाव लड़ा था, जहां उन्हें भाजपा उम्मीदवार राजेश महतो के हाथों करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था। चुनाव हारने के बाद भी उनका प्रभाव इलाके में बना हुआ था। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी को शुक्रवार को स्थानीय अदालत में पेश करने की तैयारी कर ली है। जांच अधिकारियों का कहना है कि इस घोटाले के पीछे अन्य लोगों की संलिप्तता और पैसों के लेन-देन की गहराई से जांच करने के लिए अदालत से 14 दिनों की पुलिस हिरासत की मांग की जाएगी।