पाकिस्तान के कराची पोर्ट पर छह भारतीय जहाजकर्मी करीब सात महीने से फंसे हुए हैं. बताया जा रहा है कि ईरान की एक शिपिंग कंपनी और कराची पोर्ट के अधिकारियों के बीच विवाद के कारण जहाज को रोक दिया गया है. इनमें उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के रहने वाले विनीत किशोर मिश्रा भी शामिल हैं. वह जहाज पर चीफ ऑफिसर के पद पर काम करता हैं. उनके परिवार का कहना है कि 17 अप्रैल 2026 से जहाज को कराची पोर्ट पर रोका गया है. तब से छहों भारतीय वहीं फंसे हुए हैं. परिवार के मुताबिक, जहाज पर बिजली नहीं है और मोबाइल नेटवर्क भी काम नहीं करता. इस वजह से जहाज पर मौजूद लोगों से संपर्क करना बहुत मुश्किल है. परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि छहों भारतीयों के पासपोर्ट और सी-बुक यानी समुद्र में जहाज पर काम करने से जुड़े डॉक्यूमेंट ले लिए गए हैं. विनीत की नौकरी का तय समय भी पूरा हो चुका है, लेकिन उन्हें जहाज से उतरकर भारत आने की इजाजत नहीं दी जा रही है. विनीत करीब 10 साल से मर्चेंट नेवी में काम कर रहे हैं. परिवार के मुताबिक, उन्होंने 25 फरवरी 2026 को एक ईरानी कंपनी में नौकरी शुरू की थी. इसके बाद वह कंपनी के जहाज से ओमान से रवाना हुआ. 17 अप्रैल को जहाज कराची पोर्ट पहुंचा. यहां कंपनी और पोर्ट अधिकारियों के बीच विवाद हो गया, जिसके बाद जहाज को रोक दिया गया. परिवार का आरोप है कि इसके बाद जहाज की बिजली काट दी गई और भारतीय कर्मचारियों के पासपोर्ट भी ले लिए गए. विनीत की पत्नी नेहा मिश्रा और पिता ललित किशोर मिश्रा उनकी सुरक्षित वापसी के लिए लगातार कोशिश कर रहे हैं. उनके पिता सेना से रिटायर हैं. विनीत के दो छोटे बच्चे भी अपने पिता के घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं. परिवार का कहना है कि नेटवर्क नहीं होने के कारण विनीत से रोज बात नहीं हो पाती. कई बार फोन पर सिर्फ कुछ मिनट ही बात हो पाती है. इससे परिवार को उनकी सुरक्षा और सेहत की चिंता रहती है. विनीत की पत्नी और परिवार ने पाकिस्तान में भारतीय राजनयिक मिशन से संपर्क किया है. उन्होंने छह भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने में मदद मांगी है. परिवार के मुताबिक, भारतीय दूतावास को पत्र लिखने पर मदद का भरोसा मिला था, लेकिन अब तक कोई हल नहीं निकला है. परिवार ने प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और विदेश मंत्रालय से जल्द दखल देने की अपील की है. उन्होंने अपने इलाके के विधायक और सांसद से भी मदद मांगी है. परिवार का सवाल है कि कंपनी और पोर्ट अधिकारियों के विवाद के कारण छह भारतीयों को क्यों परेशान होना पड़ रहा है? उन्हें भारत लौटने की अनुमति कब मिलेगी?