प्रधानमंत्री के बाद अब पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ‘दिमाग़ी नक्सलियों’ और देशविरोधी शक्तियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कम्युनिस्टों और वामपंथी ताकतों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आह्वान किया कि देशविरोधी शक्तियों को पहचानकर उनकी जड़ों को उखाड़ फेंकने का समय आ गया है। इस दौरान उन्होंने जादवपुर विश्वविद्यालय में ‘आज़ादी’ के नारों की कड़ी निंदा की और हर शिक्षण संस्थान में ‘वंदे मातरम’ का नारा गूंजने की बात कही। आरजी कर में आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कड़े शब्दों में कहा कि अब चुपचाप घर बैठने का समय नहीं है। उन्होंने कहा, “कम्युनिस्ट, दिमाग़ी नक्सल और देशविरोधी ताकतों को पहचान-पहचानकर ख़त्म करना होगा। अब सड़कों पर उतरकर इनकी जड़ों को उखाड़ फेंकने की ज़रूरत है। आज रेजीनगर और नंदीग्राम ने जो करके दिखाया है, वही पूरे देश की आवाज़ है।” जादवपुर विश्वविद्यालय (Jadavpur University) का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने वामपंथी छात्र संगठनों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जादवपुर जैसे ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ में ‘कश्मीर मांगे आज़ादी’ जैसे देशविरोधी नारे लगाए जाते हैं।मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का बयान: “जादवपुर में जुलूस निकालकर ‘आज़ादी-आज़ादी’ के नारे लगाए जाते हैं। कैसी आज़ादी? ‘कश्मीर मांगे आज़ादी’! जिस कश्मीर की धरती पर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान हुआ, वह कश्मीर हमारा है। अब किसी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में ‘आज़ादी’ के जुलूस नहीं चलेंगे, हर कैंपस में केवल ‘वंदे मातरम’ की आवाज़ गूंजेगी।” उल्लेखनीय है कि अगस्त महीने में शासी निकाय (GB) की बैठक को लेकर जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में वामपंथी छात्र संगठनों और एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई थी। परिसर में आगजनी और मारपीट की घटनाओं के बाद दोनों पक्षों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद बीजेपी की ओर से जादवपुर के बाहर गोलपार्क से 8बी बस स्टैंड तक ‘भगवा सम्मान यात्रा’ निकाली गई थी, जिसमें मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी खुद शामिल हुए थे। सम्मेलन में उन्होंने इस घटना का जिक्र कर एबीवीपी का मनोबल बढ़ाया। एबीवीपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शैक्षणिक सुधारों और न्याय के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने घोषणा की कि सरकार एबीवीपी के साथ मिलकर राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को प्रभावी ढंग से लागू करेगी। इसके साथ ही उन्होंने आरजी कर मामले का संदर्भ देते हुए कहा कि ‘अभया’ के परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए सरकार पहले भी साथ खड़ी थी, आज भी है और आगे भी रहेगी। सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने सीपीएम के वरिष्ठ नेता व अधिवक्ता विकास रंजन भट्टाचार्य के घर पर हुए हमले और उनके विवादित सोशल मीडिया पोस्ट का मुद्दा भी उठाया। विकास रंजन द्वारा बिना जांच के हमले का आरोप हिंदुत्ववादी संगठनों पर लगाने को मुख्यमंत्री ने सनातन हिंदू समाज का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने हमले के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन बिना जांच के हिंदुत्व को बदनाम करने के आरोप में विकास रंजन भट्टाचार्य के खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।