पश्चिम बंगाल में वरिष्ठ अधिवक्ता और सीपीएम (CPM) नेता विकास रंजन भट्टाचार्य के कोलकाता स्थित आवास पर गुरुवार सुबह नकाबपोश बदमाशों ने हमला कर दिया। ईएम बायपास से सटे पूर्वालोक इलाके में स्थित उनके घर पर बाइक सवार अज्ञात हमलावरों ने ईंट और कांच की बोतलें फेंकी, जिससे खिड़कियों के कांच टूट गए। घटना के तुरंत बाद विकास रंजन भट्टाचार्य ने सोशल मीडिया पर इस हमले के पीछे “हिंदुत्ववादी गुंडों” का हाथ होने का दावा किया। इस पोस्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इसे पूरे सनातन हिंदू समाज का अपमान करार दिया है और वकील के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। विकास रंजन भट्टाचार्य द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह उनके घर के बाहर कई युवक बाइक से पहुंचे। सभी के चेहरे ढके हुए थे और उनकी बाइक की नंबर प्लेट पर भी काला कपड़ा बंधा हुआ था। सीपीएम नेता ने आरोप लगाया कि यह हमला पूरी योजना के तहत किया गया था, जहां अचानक उनके घर को निशाना बनाकर पत्थरबाजी की गई। घटना के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जांच से पहले ही हिंदुत्ववादी तत्वों पर हमले का संदेह जताया, जिससे नया विवाद खड़ा हो गया। सीपीएम नेता के सोशल मीडिया पोस्ट पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उनके निर्देश पर कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जारी है। हालांकि, बिना जांच के हिंदुत्ववादियों को जिम्मेदार ठहराने पर मुख्यमंत्री ने कड़ा ऐतराज जताया।मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का बयान: “घटना की जांच जरूर होगी और पुलिस ने मेरे निर्देश पर हमलावर को गिरफ्तार भी किया है। लेकिन उन्होंने बिना किसी जांच के सोशल मीडिया पर यह कैसे लिख दिया कि हिंदुत्ववादियों ने हमला किया है? उन्होंने पूरे हिंदू समाज का अपमान किया है। इसलिए उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी। भगवा, सनातन, हिंदुत्व और राष्ट्रवाद पर बेबुनियाद उंगली उठाने वालों को सबक सिखाना जरूरी है।” पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हमले के सिलसिले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है। दूसरी तरफ, सोशल मीडिया पर विवादित टिप्पणी करने और एक वर्ग विशेष की भावनाएं आहत करने के आरोप में वरिष्ठ अधिवक्ता विकास रंजन भट्टाचार्य के खिलाफ दो अलग-अलग प्राथमिकताएं (FIR) दर्ज की गई हैं। पुलिस दोनों मामलों में आगे की कानूनी जांच कर रही है।