ओडिशा के मुख्य चुनाव अधिकारी आर. संथान गोपालन ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति यानी वीआरएस के लिए आवेदन किया है। ओडिशा कैडर के 2001 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी गोपालन ने राज्य में एसआईआर पूरा होने के एक हफ्ते बाद बुधवार 30-09-2026 को अपना वीआरएस आवेदन सौंपा है। तमिलनाडु के रहने वाले गोपालन जुलाई 2024 से ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। उनके पास आबकारी विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी है। उन्हें जून 2028 में सेवानिवृत्त होना था। गोपालन ने बताया कि उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने और संशोधित चुनावी रोल के प्रकाशित होने तक इस फैसले को टाल दिया था। उन्होंने कहा कि मैं निजी कारणों से वीआरएस लेना चाहता हूं। मैं निजी मामलों पर ध्यान देना चाहता हूँ। मैं अपने परिवार पर ध्यान केंद्रित करूंगा और अपने बेटे की स्कूली शिक्षा पूरी होने तक भुवनेश्वर में ही रहूंगा। उन्होंने कहा कि 02-09 को सरकारी सेवा में 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं और इसलिए वीआरएस लेने का फैसला किया। सेवा के लगभग 18 महीने बचे हुए थे। गोपालन ने साफ कहा कि उनकी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का एसआईआर प्रक्रिया से कोई लेना-देना नहीं है। यह पूछे जाने पर कि क्या उनका फैसला एसआईआर प्रक्रिया को लेकर विपक्ष द्वारा उनके इस्तीफे की मांग से जुड़ा है इस पर गोपालन ने कहा कि अगर वे खुश होना चाहते हैं तो उन्हें खुश होने दें। वह कई महीनों से नौकरी छोड़ने पर विचार कर रहे थे। एसआईआर पूरा होने के बाद उन्होंने आवेदन दिया है लेकिन इसे विवाद से जोड़ने से इनकार किया है। निजी कारणों पर जोर दिया गया है। एसआईआर के बाद 3.16 करोड़ मतदाताओं वाली ओडिशा की चुनावी रोल 21-09-2026 को प्रकाशित की गई थी। विपक्षी बीजू जनता दल और कांग्रेस ने रोल से लगभग 17 लाख नाम हटाए जाने पर सवाल उठाए थे। बीजद ने आरोप लगाया था कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 27.50 लाख से अधिक मतदाताओं को सूची से बाहर कर दिया गया और दावा किया कि इस मामले को छिपाया जा रहा है। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया था कि सीईओ ने मतदाता संबंधी आंकड़ों में हेरफेर किया है। इन आरोपों के बीच वीआरएस आवेदन चर्चा में आ गया। विपक्षी दलों ने एसआईआर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर नाम हटाने पर सवाल उठाए थे। बीजेपी और कांग्रेस ने आंकड़ों में हेराफेरी का आरोप लगाया। सीईओ पर दबाव बनाने की कोशिश की गई थी। गोपालन ने इन आरोपों से वीआरएस के फैसले को अलग बताया। विवादों के बीच उनका आवेदन राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जा रहा है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट रूप से निजी कारणों का हवाला दिया है। एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह कदम उठाया गया। गोपालन ने अपने करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। इनमें भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के उप महानिदेशक श्रम विभाग के सचिव और कृषि निदेशक के पद शामिल हैं। जुलाई 2024 से ओडिशा के मुख्य चुनाव अधिकारी के रूप में कार्यरत रहे। आबकारी विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला। 25 वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद वीआरएस लेने का फैसला किया। परिवार पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही गई है। आगे की औपचारिक प्रक्रिया का इंतजार है।