राज्य में नारकोटिक्स एडवाइजरी कमेटी क्यों नहीं है? चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने राज्य प्रशासन के टॉप अधिकारियों के साथ मीटिंग में यह सवाल उठाया। इस मुद्दे पर जवाब देते हुए राज्य पुलिस DG (लॉ एंड ऑर्डर) विनीत गोयल को डांट खानी पड़ी। इसके साथ ही, इलेक्शन कमीशन की फुल बेंच ने यह भी कहा कि लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने और फेयर तरीके से चुनाव कराने में कोई लापरवाही मिली तो कोई रियायत नहीं दी जाएगी। इलेक्शन कमीशन के सूत्रों के मुताबिक, आज की मीटिंग में चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के गुस्से का सामना 4 और एनफोर्समेंट एजेंसियों से हुआ। लिस्ट में एक्साइज, नारकोटिक्स, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, RBI शामिल हैं। एक्साइज डिपार्टमेंट को इस मुद्दे पर नजर रखनी होगी ताकि आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले नारकोटिक्स का प्रोडक्शन न बढ़े। इसके साथ ही, बॉर्डर इलाकों में शराब का प्रोडक्शन रोकने के ऑर्डर दिए गए हैं। सवाल पूछा गया कि पश्चिम बंगाल देश का अकेला ऐसा राज्य क्यों है जहां नारकोटिक्स एडवाइजरी कमेटी नहीं है। विनीत गोयल ने कहा कि इस बारे में एक्शन लिया जाएगा। जब पूछा गया कि यह कमेटी क्यों नहीं है, तो CEO के ऑफिस के सूत्रों ने कहा कि उन्हें उनका बयान सुने बिना ‘धमकी’ देकर बैठने के लिए मजबूर किया गया।
