फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में कॉकपिट के अंदर हुए हमले के दौरान असाधारण साहस दिखाने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मछार को गुजरात सरकार सम्मानित करेगी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को घोषणा की कि कैप्टन मछार को ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें 25 लाख रुपये का नकद पुरस्कार भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने और खून बहने के बावजूद कैप्टन स्मित मछार ने जिस तरह स्थिति को संभालने में भूमिका निभाई, उससे विमान में सवार 174 लोगों की जान बचाने में मदद मिली। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोशल मीडिया पोस्ट में कैप्टन मछार के साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि गुजराती मूल के कैप्टन ने अपने कार्य से गुजरात और देश का मान बढ़ाया है। पटेल के अनुसार, उनकी असाधारण बहादुरी और मानवता के कार्य के सम्मान में राज्य सरकार उन्हें ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ से सम्मानित करेगी। उन्होंने कैप्टन के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भी कैप्टन मछार की बहादुरी की सराहना करते हुए पुरस्कार की घोषणा की पुष्टि की। यह घटना 30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई थी। विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था और उसमें 174 यात्री सवार थे। रिपोर्टों के मुताबिक, उड़ान के दौरान को-पायलट ने कॉकपिट में कैप्टन स्मित मछार पर कथित तौर पर हमला किया और उन्हें गंभीर चोटें आईं। इस दौरान विमान तेजी से नीचे की ओर जाने लगा। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मछार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद यात्रियों और क्रू सदस्यों को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद मिली। विमान में मौजूद दो अन्य पायलटों ने बाद में विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारने में सहायता की। फ्लाइट में कुल 174 यात्री सवार थे, जिनमें 27 बच्चे भी शामिल बताए गए हैं। घटना के दौरान विमान करीब 14,000 फीट तक तेजी से नीचे आया था। कैप्टन के कॉकपिट का दरवाजा खोलने के बाद यात्रियों और क्रू को हस्तक्षेप करने का मौका मिला, जिससे स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिली। घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत कई नेताओं ने कैप्टन मछार के साहस की सार्वजनिक रूप से सराहना की। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कैप्टन स्मित मछार ने एविएशन में करीब 15 साल का अनुभव हासिल किया है और उनके पास लगभग 9,750 घंटे की उड़ान का अनुभव है। उन्होंने एक दशक से ज्यादा समय स्पाइसजेट में बिताने के बाद 2022 में फ्लाईदुबई ज्वाइन किया था। फिलहाल कैप्टन मछार घटना में लगी चोटों के बाद अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं। कॉकपिट में हुए हमले के पीछे की वजह अभी जांच का विषय है। रॉयटर्स के अनुसार, यूएई समेत संबंधित एजेंसियां घटना की जांच कर रही हैं। को-पायलट के कथित हमले के मकसद को लेकर अभी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। गुजरात सरकार द्वारा घोषित पुरस्कार के बाद कैप्टन स्मित मछार को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली सराहना में एक और सम्मान जुड़ गया है।