वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब एयर ट्रांसपोर्ट सर्विस पर भी पड़ रहा है। इंटरनेशनल मार्केट में जेट फ्यूल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से एयरलाइंस की लागत बढ़ गई है। एविएशन इंडस्ट्री में फ्यूल की लागत पहले से ही सबसे बड़ा खर्च मानी जाती है और बढ़ती कीमतों से एयरलाइंस के लिए ऑपरेशन और महंगे हो गए हैं। इस स्थिति को देखते हुए, एयर इंडिया ने घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का फैसला किया है। कंपनी के मुताबिक, जेट फ्यूल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के कारण यह कदम उठाना पड़ा है। क्योंकि, एयरलाइन की कुल ऑपरेटिंग लागत में फ्यूल की लागत का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा होता है। एयरलाइन ने कहा कि जेट फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी मुख्य रूप से खाड़ी क्षेत्र में चल रही जियोपॉलिटिकल अस्थिरता के कारण हुई है। भारत में दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में जेट फ्यूल पर ज्यादा एक्साइज ड्यूटी और VAT से स्थिति और मुश्किल हो गई है। इससे एयरलाइन की लागत और बढ़ रही है।

नया बढ़ा हुआ किराया कब लागू होगा?

एयर इंडिया ने कहा कि फ्यूल सरचार्ज में बढ़ोतरी को धीरे-धीरे लागू किया जाएगा। यह बढ़ोतरी नई बुकिंग पर लागू होगी। 12 मार्च से पहले जारी टिकटों पर नया सरचार्ज लागू नहीं होगा। हालांकि, अगर यात्री अपनी यात्रा की तारीख या रूट बदलते हैं और किराए पर फिर से बातचीत होती है, तो नया सरचार्ज लागू हो सकता है। किराए में बढ़ोतरी का पहला चरण 12 मार्च, 2026 को रात 12:01 बजे से लागू होगा। इस चरण में, नया फ्यूल सरचार्ज घरेलू उड़ानों और कुछ अंतरराष्ट्रीय रूटों पर लगाया जाएगा। दूसरा चरण 18 मार्च, 2026 से लागू किया जाएगा। यह चरण लंबी दूरी के अंतरराष्ट्रीय रूटों को प्रभावित करेगा। तीसरे चरण की घोषणा अभी बाकी है। नया सरचार्ज एयर इंडिया एक्सप्रेस द्वारा संचालित उड़ानों पर भी लागू होगा। हालांकि, एयर इंडिया एक्सप्रेस वर्तमान में अपनी उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज नहीं लेती है। एयर इंडिया ने कहा कि वह इन सरचार्जों की चरणबद्ध तरीके से समीक्षा करेगी। कंपनी ने कहा कि अतिरिक्त सरचार्ज के बिना, कुछ उड़ानें घाटे का सौदा हो जातीं और उन्हें रद्द कर दिया जाता। इसी कारण से यह निर्णय लिया गया है।