पश्चिम बंगाल में देवीपक्ष की शुरुआत यानी महालया (10 अक्टूबर) के अवसर पर कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स स्टेडियम में प्रस्तावित महाआयोजन को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना अब बेहद कम है। गुरुवार को राज्य सरकार के प्रतिनिधियों और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के अधिकारियों के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में इस बात के संकेत दिए गए हैं। चर्चा है कि प्रधानमंत्री की जगह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस कार्यक्रम में शिरकत कर सकते हैं। मूल योजना के तहत, 10 अक्टूबर को ईडन गार्डन्स से नेत्रदान अभियान और भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए इस वर्ष की दुर्गा पूजा का औपचारिक शुभारंभ होना था। समारोह से पहले रेड रोड पर एक विशाल रोड शो की योजना बनाई गई थी, जिसमें बंगाल की समृद्ध लोक संस्कृति को दर्शाने के लिए 23 जिलों के 23 पारंपरिक नृत्य दल भाग लेने वाले थे। इसके अलावा, ईडन गार्डन्स में 1,000 महिलाओं की शंख व उलूध्वनि और 10,000 ढाकियों द्वारा एक साथ ढाक बजाकर ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में नाम दर्ज कराने की तैयारी की गई थी। गायिका श्रेया घोषाल के पूजा गीतों के बीच प्रधानमंत्री का खुली गाड़ी में पूरे स्टेडियम की परिक्रमा करने का कार्यक्रम भी तय था। गुरुवार को हुई समन्वय बैठक में राज्य सरकार की ओर से सीएबी अधिकारियों को अवगत कराया गया कि प्रधानमंत्री महालया पर कोलकाता नहीं पहुंच पाएंगे। संस्कृति विभाग के सूत्रों के अनुसार, पीएम के न आने की स्थिति में स्टेडियम परिक्रमा और नेत्रदान से जुड़े कार्यक्रमों के प्रारूप में आवश्यक फेरबदल किए जाएंगे। हालांकि, समारोह की भव्यता को बरकरार रखा जाएगा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा सकता है। इस बीच, सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए ईडन गार्डन्स को स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) के नियंत्रण में सौंप दिया गया है, जो 25 सितंबर से 15 अक्टूबर तक सुरक्षा घेरे में रहेगा। इसके चलते 11 अक्टूबर से शुरू हो रहे बंगाल के घरेलू रणजी ट्रॉफी अभियान पर भी असर पड़ा है। बंगाल का पहला मुकाबला दिल्ली के खिलाफ ईडन गार्डन्स में होना था, जो अब यहां आयोजित होना लगभग असंभव है। सीएबी अध्यक्ष सौरव गांगुली ने इस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा था कि दुर्गा पूजा बंगाल का सबसे बड़ा उत्सव है और प्रधानमंत्री का आना राज्य के लिए गर्व की बात थी। ऐसे में रणजी मैच को ईडन की जगह कल्याणी स्टेडियम में स्थानांतरित किया जा सकता है।