तृणमूल कांग्रेस के बैंक खातों से जुड़े फंड फ्रीज मामले में ममता बनर्जी के खेमे को फिलहाल राहत मिली है। हाईकोर्ट के अंतरिम निर्देश के मुताबिक, फ्रीज किए गए तीन बैंक खातों से जरूरत के अनुसार रकम का इस्तेमाल किया जा सकेगा। हालांकि, खातों को सीधे संचालित करने का अधिकार ममता खेमे के पास नहीं रहेगा। अदालत ने स्पष्ट किया है कि इन खातों में मौजूद राशि का इस्तेमाल पार्टी के रोजमर्रा के जरूरी खर्चों और कानूनी खर्चों के लिए किया जा सकता है। हालांकि, किसी बड़े या असामान्य भुगतान के लिए रकम निकालने की अनुमति नहीं होगी। यानी पार्टी के सामान्य कामकाज के लिए फंड का सीमित इस्तेमाल किया जा सकेगा। हाईकोर्ट ने खातों के संचालन के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश सुब्रत तालुकदार को स्पेशल ऑफिसर नियुक्त किया है। फिलहाल 30 सितंबर तक खातों के संचालन की जिम्मेदारी उन्हीं के पास रहेगी। ममता खेमे को खातों से पैसा निकालने के लिए इसी व्यवस्था का पालन करना होगा। अदालत के निर्देश के मुताबिक, तीनों बैंक खातों के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं में से किसी भी दो लोगों के हस्ताक्षर वाले चेक को स्पेशल ऑफिसर की मंजूरी और हस्ताक्षर के बाद ही बैंक से रकम निकाली जा सकेगी। इस तरह खाते से होने वाले लेनदेन पर न्यायिक निगरानी बनी रहेगी। तृणमूल कांग्रेस में नेतृत्व, संगठन और पार्टी फंड के नियंत्रण को लेकर दोनों खेमों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। इसी विवाद के बीच पार्टी के कई बैंक खातों को फ्रीज किया गया था। ममता खेमे ने खातों के फ्रीज होने के खिलाफ अदालत का रुख किया था और दलील दी थी कि इससे पार्टी के रोजमर्रा के कामकाज पर असर पड़ सकता है। हाईकोर्ट ने फिलहाल अंतरिम व्यवस्था के तहत फंड के सीमित इस्तेमाल की अनुमति दी है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में चुनाव आयोग की ओर से दोनों गुटों में से किसी को अंतिम मान्यता मिलती है, तो मौजूदा आदेश में बदलाव के लिए अदालत का रुख किया जा सकता है। मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को होनी है।