बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने करीब दो वर्षों बाद पहली बार जनता को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए अपनी राजनीतिक वापसी के संकेत दिए हैं। लगभग 25 मिनट के इस संबोधन में उन्होंने कहा कि वह दिसंबर में बांग्लादेश लौटने का इरादा रखती हैं, चाहे उन्हें जेल भेज दिया जाए या जान का खतरा क्यों न हो। उनका कहना था कि राजनीतिक दबाव और कानूनी कार्रवाई उन्हें अपने फैसले से पीछे नहीं हटा सकती।हालांकि पूरे संबोधन के दौरान उनका कैमरा बंद रहा, लेकिन उन्होंने अपने समर्थकों से जुड़े रहने और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की अपील की। अपने संबोधन में शेख हसीना ने कहा कि उन्हें इस बात का अंदेशा है कि बांग्लादेश लौटने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है या उनके खिलाफ और कड़ी कार्रवाई हो सकती है। इसके बावजूद उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपने देश वापस लौटेंगी। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा से बांग्लादेश नहीं छोड़ा था। उन्होंने बताया कि जब प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे थे, तब उनके पास वहां से निकलने के लिए केवल 30 से 40 मिनट का समय था। उन्होंने कहा कि उस समय उनकी योजना अपने पैतृक गांव तुंगीपाड़ा जाने की थी, लेकिन हालात तेजी से बदले और उन्हें देश से बाहर जाना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि उन्हें उस समय यह भी नहीं पता था कि उनका देश से प्रस्थान होगा। शेख हसीना अगस्त 2024 से भारत में रह रही हैं। बांग्लादेश में छात्र आंदोलन के बाद राजनीतिक स्थिति तेजी से बदली और उनकी सरकार सत्ता से बाहर हो गई। इसके बाद सुरक्षा कारणों से उन्होंने देश छोड़ दिया।तब से वह भारत में रह रही हैं, जबकि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार और वहां की न्यायिक प्रक्रिया के तहत उनके खिलाफ कई मामलों की सुनवाई जारी है। अपने संबोधन के अंत में शेख हसीना ने समर्थकों से संयम बनाए रखने और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास और समर्थन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और वह भविष्य में भी बांग्लादेश की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। शेख हसीना का यह बयान ऐसे समय आया है जब बांग्लादेश की राजनीति लगातार उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। उनके दिसंबर में लौटने के ऐलान ने देश के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। हालांकि उनकी वापसी किन परिस्थितियों में संभव होगी, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
