बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर क्षेत्र में गंगा नदी में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में शोक की लहर है और मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। केंद्र सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और बिहार सरकार ने 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर वैशाली में नाव पलटने की घटना को बेहद दुखद और पीड़ादायक बताया। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद कर रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। वहीं, हादसे में घायल लोगों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा मंगलवार देर शाम वैशाली जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र में हुआ। नाव पर करीब 15 से 20 लोग सवार थे और वे गंगा पार भोज में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान नाव असंतुलित होकर नदी में पलट गई। नाव में सवार लोग पानी में डूबने लगे, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने बचाव की कोशिश शुरू की। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचे। नदी में डूबे लोगों की तलाश के लिए अभियान चलाया गया। हादसे के कारणों और नाव पर सवार लोगों की वास्तविक संख्या को लेकर विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। हादसे के बाद चलाए गए बचाव अभियान में 13 बच्चों की मौत की पुष्टि हुई। घटना से प्रभावित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों और प्रशासन ने बचाव कार्य में सहयोग किया। घायलों को उपचार उपलब्ध कराने के लिए भी जरूरी कदम उठाए गए। प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्यों पर ध्यान दिया जा रहा है। मृतकों की पहचान और हादसे से संबंधित अन्य विवरणों की आधिकारिक पुष्टि के आधार पर आगे की जानकारी सामने आने की उम्मीद है। इस दर्दनाक हादसे के बाद राघोपुर और आसपास के इलाकों में शोक का माहौल है। बच्चों की मौत से पूरे क्षेत्र में दुख और आक्रोश है। घटना ने नदी पार करने के लिए इस्तेमाल होने वाली नावों की सुरक्षा, यात्रियों की संख्या और बचाव व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हादसे के बाद प्रभावित परिवारों को सरकारी सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही घटना से जुड़े तथ्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी, ताकि दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
