प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को भविष्य की तकनीकों के विकास में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया है। मंगलवार को विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सम्मेलन (ESTIC-2026) को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत को केवल नई तकनीकों को अपनाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि साहसिक नवाचारों के जरिए दुनिया का नेतृत्व करना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि देश विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई सोच और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत का लक्ष्य ऐसी तकनीक विकसित करना है, जो देश के साथ-साथ पूरी दुनिया के वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को पूरा कर सके। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक समय था, जब दुनिया के किसी अन्य देश में विकसित होने वाली नई तकनीक कुछ वर्षों बाद भारत पहुंचती थी। इसके बाद भारत उसे अपनाता था या उसमें छोटे-मोटे सुधार करके आगे बढ़ता था। लेकिन अब स्थिति बदल रही है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का भारत तकनीक के क्षेत्र में नई सोच और नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। देश को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नई प्रौद्योगिकियां विकसित करनी होंगी और उनके निर्माण में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभानी होगी। प्रधानमंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल और उससे पैदा होने वाली चुनौतियों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि AI नियमित और बार-बार किए जाने वाले कामों को तेजी से पूरा करके उत्पादकता बढ़ाने में मदद कर सकता है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तकनीक का इस्तेमाल इंसानों की स्वतंत्र रूप से सोचने की क्षमता को सीमित करने के लिए नहीं, बल्कि उसे और बेहतर बनाने के लिए होना चाहिए। AI का उद्देश्य लोगों की सोचने, समझने और नए विचार विकसित करने की क्षमता को मजबूत करना होना चाहिए। प्रधानमंत्री के मुताबिक, तकनीकी प्रगति का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब इसका इस्तेमाल मानवीय क्षमताओं को बढ़ाने और नई संभावनाएं पैदा करने के लिए किया जाएगा। पीएम मोदी ने AI के दौर में बढ़ते साइबर सुरक्षा खतरों को लेकर भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि ऐसे खतरे वित्तीय नेटवर्क और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकते हैं। इसलिए भारत को ऐसे सुरक्षा समाधान विकसित करने की जरूरत है, जो AI आधारित खतरों की पहचान करने और उनसे निपटने में सक्षम हों। उन्होंने महत्वपूर्ण प्रणालियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और तकनीक के सुरक्षित इस्तेमाल पर जोर दिया। साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाना इसलिए भी जरूरी है, ताकि नई तकनीकों का लाभ देश और समाज तक सुरक्षित तरीके से पहुंच सके। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में विकसित होने वाली तकनीक का उद्देश्य केवल देश को सशक्त बनाना नहीं, बल्कि मानवता के सामने मौजूद समस्याओं के समाधान में योगदान देना भी होना चाहिए। उन्होंने भविष्य की तकनीकों के विकास, नवाचार और सुरक्षा को एक साथ आगे बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। उनके संदेश के अनुसार, भारत को ऐसा तकनीकी इकोसिस्टम तैयार करना होगा, जो उत्पादकता बढ़ाए, लोगों की क्षमताओं को मजबूत करे और वैश्विक चुनौतियों से निपटने में मददगार साबित हो।
