महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने मुंबई के माहिम इलाके से 33 वर्षीय एक व्यक्ति को प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से कथित संबंधों और सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री साझा करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर के रूप में हुई है। उसे एटीएस की कालाचौकी यूनिट ने माहिम मेट्रो स्टेशन के पास से पकड़ा। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी रैपिडो बाइक-टैक्सी राइडर के रूप में काम करता था और इत्र बेचने का कारोबार भी करता था। उसके मोबाइल फोन और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच के दौरान जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर के भाषणों से जुड़ी ऑडियो क्लिप और कथित तौर पर भड़काऊ सामग्री मिलने की बात सामने आई है। एटीएस के मुताबिक, आरोपी एक टेलीग्राम ग्रुप संचालित करता था, जहां 1 जून 2026 को मसूद अजहर के भाषणों की ऑडियो रिकॉर्डिंग साझा किए जाने का आरोप है। इन रिकॉर्डिंग में बाबरी मस्जिद सहित अन्य संवेदनशील मुद्दों का उल्लेख होने की बात कही गई है। जांचकर्ताओं ने आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारधारा का समर्थन करने वाली पोस्ट और टिप्पणियां भी देखी हैं। एजेंसी इन गतिविधियों की प्रकृति और उनके पीछे की मंशा की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि आरोपी का पाकिस्तानी खुफिया तंत्र से जुड़े कथित ऑपरेटिव्स के साथ कोई संपर्क था या नहीं। हालांकि, इस संपर्क की प्रकृति और सीमा को लेकर जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। एटीएस आरोपी के डिजिटल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया अकाउंट्स और ऑनलाइन संपर्कों की जांच कर रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित ऑनलाइन गतिविधियों में उसके अलावा कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी के एक सोशल मीडिया अकाउंट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंबई दौरे के दौरान सुरक्षा में कथित चूक से जुड़ी खबर पर की गई टिप्पणी भी जांच के दायरे में है। एटीएस का आरोप है कि टिप्पणी में हिंसा को उकसाने वाली बात कही गई थी। एजेंसी कथित तौर पर जिहाद और हथियार उठाने के समर्थन में की गई अन्य पोस्ट की भी पड़ताल कर रही है। प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह धारा विभिन्न समूहों के बीच धर्म, भाषा या अन्य आधारों पर वैमनस्य बढ़ाने तथा सामाजिक सौहार्द के प्रतिकूल कृत्यों से संबंधित है। फिलहाल आरोपी के खिलाफ गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों पर निर्भर करेगी। आरोपी को अदालत में पेश किए जाने के बाद पुलिस हिरासत में भेजे जाने की भी रिपोर्ट है। एटीएस अब जब्त मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच और आरोपी के कथित संपर्कों की पड़ताल कर रही है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही होगी।