पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में जमीन पर कब्जे को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद रविवार को हिंसक झड़प में बदल गया। मोथाबाड़ी थाना क्षेत्र के हमीदपुर में जमीन पर खेती करने पहुंचे लोगों पर कथित तौर पर बदमाशों ने हमला कर दिया। इस हमले में एसएसबी (SSB) जवान समेत चार लोग घायल हो गए, जबकि शिवचरण मंडल (50) की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। जानकारी के मुताबिक, हमीदपुर निवासी शशांक यादव पेशे से एसएसबी जवान हैं। उनका आरोप है कि उनके परिवार की करीब 50 बीघा पुश्तैनी जमीन के अलावा लगभग 300 बीघा देवोत्तर संपत्ति है। इस संपत्ति के एक हिस्से पर कथित तौर पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए उन्होंने अलग-अलग स्तर पर कई बार शिकायत और प्रयास किए, लेकिन उन्हें कोई ठोस समाधान नहीं मिला। बताया जा रहा है कि रविवार दोपहर शशांक यादव कुछ किसानों के साथ विवादित जमीन पर खेती करने पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद आरोपियों ने कथित तौर पर उन पर हमला कर दिया। हमलावरों ने लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई की, जिसमें कुल चार लोग घायल हो गए। अचानक हुए इस हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हमले में घायल शिवचरण मंडल (50) की मौत हो गई। वहीं, घायल एसएसबी जवान शशांक शेखर यादव और उज्ज्वल मंडल समेत अन्य लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से दो घायलों का इलाज मालदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में चल रहा है। घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में कुल 21 लोगों के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, मुख्य आरोपी बताया जा रहा है कि सनातन मंडल के फरार होने की जानकारी सामने आई है। मोथाबाड़ी थाने की पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार आरोपी की तलाश की जा रही है। मालदा की इस घटना ने एक बार फिर जमीन पर कब्जे को लेकर ग्रामीण इलाकों में बढ़ते विवाद और हिंसा का मुद्दा सामने ला दिया है। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमले की योजना कैसे बनाई गई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।