चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र में विधान परिषद की रिक्त होने वाली सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इन सीटों पर मतदान 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक कराया जाएगा। वोटों की गिनती 27 अक्टूबर को होगी। अधिसूचना 29 सितंबर 2026 को जारी की जाएगी और उम्मीदवार 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। यह कार्यक्रम शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों के लिए निर्धारित किया गया है। बिहार में विधान परिषद की 8 सीटें 16 नवंबर को रिक्त हो रही हैं। कर्नाटक की 4 सीटें 11 नवंबर को खाली होंगी। महाराष्ट्र की 5 सीटें 6 दिसंबर को और उत्तर प्रदेश की 11 सीटें भी 6 दिसंबर को रिक्त होने वाली हैं। इन सभी सीटों पर शिक्षक और स्नातक कोटे के तहत चुनाव कराया जाएगा। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि इन निर्वाचन क्षेत्रों में आचार संहिता तुरंत लागू हो चुकी है ताकि चुनाव निष्पक्ष और सुचारू ढंग से संपन्न हो सकें। राज्यों के प्रशासन को आवश्यक तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश में जिन सीटों पर चुनाव होना है उनमें लखनऊ स्नातक, वाराणसी स्नातक, आगरा स्नातक, मेरठ स्नातक, इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। शिक्षक कोटे में लखनऊ शिक्षक, वाराणसी शिक्षक, आगरा शिक्षक, मेरठ शिक्षक, बरेली-मुरादाबाद शिक्षक और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीटें हैं। बिहार में पटना स्नातक, दरभंगा स्नातक, तिरहुत स्नातक, कोसी स्नातक के साथ पटना शिक्षक, दरभंगा शिक्षक, तिरहुत शिक्षक और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीटें रिक्त हो रही हैं। इन क्षेत्रों में स्नातक और शिक्षक मतदाताओं की विशेष भूमिका रहेगी। महाराष्ट्र में औरंगाबाद स्नातक, पुणे स्नातक, नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के साथ अमरावती शिक्षक और पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीटें चुनाव के दायरे में हैं। कर्नाटक में कर्नाटक साउथ-ईस्ट स्नातक, कर्नाटक वेस्ट स्नातक, कर्नाटक नार्थ-ईस्ट शिक्षक और बंगलोर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान कराया जाएगा। इन सीटों पर भी शिक्षक और स्नातक मतदाताओं का ही अधिकार होगा। चारों राज्यों में कुल मिलाकर पर्याप्त संख्या में सीटें रिक्त हो रही हैं इसलिए राजनीतिक दल पहले से ही सक्रिय हो गए हैं। संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। इसके तहत सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग पर रोक लग जाएगी और प्रचार के लिए तय नियमों का पालन करना होगा। नामांकन प्रक्रिया 6 अक्टूबर तक चलेगी, जिसके बाद नाम वापसी और अंतिम सूची जारी होने का क्रम चलेगा। 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना के साथ यह चुनाव प्रक्रिया पूरी होगी। चुनाव आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं ताकि मतदाताओं को कोई असुविधा न हो।