कोलकाता के चोरबागान हादसे के बाद दुर्गा पूजा पंडालों में अग्नि सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। इसी कड़ी में अग्नि सुरक्षा से जुड़ी खामियां मिलने के बाद शहर की तीन प्रमुख दुर्गा पूजा समितियों को दमकल विभाग ने नोटिस जारी किया है। इनमें चेतला अग्रणी, बालीगंज कल्चरल और त्रिधारा सम्मिलनी शामिल हैं। राज्य सरकार की उच्चस्तरीय टीम के निरीक्षण के दौरान इन पंडालों में सुरक्षा संबंधी कई कमियां सामने आने की जानकारी दी गई है। निरीक्षण के दौरान त्रिधारा सम्मिलनी के पंडाल की आंतरिक सजावट में बड़ी मात्रा में अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री के इस्तेमाल की बात सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक, ऐसी सामग्री के कारण आग लगने की स्थिति में तेजी से आग फैलने और जहरीला धुआं उत्पन्न होने का खतरा हो सकता है। इससे पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं की जान पर गंभीर संकट पैदा होने की आशंका है। दमकल विभाग ने तीनों पूजा समितियों को अग्नि सुरक्षा से जुड़ी खामियों को दूर करने का निर्देश दिया है। विशेष रूप से त्रिधारा सम्मिलनी में अग्निशमन व्यवस्था और बिजली के कनेक्शन की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया है। तीनों समितियों को 18 अक्टूबर तक कमियों को सुधारने का निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पंडाल में कुछ अतिरिक्त प्रतिबंध भी लगाए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, VIP प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही पंडाल के भीतर मां दुर्गा की प्रतिमा की तस्वीर लेने और वीडियो बनाने पर भी रोक लगा दी गई है। इन कदमों का उद्देश्य पंडाल के अंदर भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने से जुड़ा माना जा रहा है।