हरियाणा के फरीदाबाद के सीही गांव में 300 फीट गहरे बोरवेल में गिरी 3 साल की बच्ची नेहा को करीब 10 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सोमवार सुबह 4 बजे बाहर निकाला गया। बाहर निकालने के समय बच्ची के शरीर में कोई हलचल नहीं थी।उसे तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। यह हादसा रविवार शाम करीब 7 बजे फरीदाबाद के सीही गांव में हुआ। 3 साल की नेहा बोरवेल के पास खड़े एक ट्रैक्टर पर चढ़कर खेल रही थी। इसी दौरान उसका पैर फिसला और वह सीधे बोरवेल में जा गिरी।बताया गया है कि यह बोरवेल नगर निगम की जमीन पर था। बोरवेल करीब 15 साल से बंद था। कुछ दिन पहले ही इसका ढक्कन हट गया था। नेहा के बोरवेल में गिरते ही उसके साथ खेल रहे बच्चों ने शोर मचा दिया। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी उसके पिता रामदीन को दी गई।रामदीन के मुताबिक, घटना के समय वह काम पर गए हुए थे। गांव के लोगों ने उन्हें बेटी के बोरवेल में गिरने की जानकारी दी।रामदीन के चार बच्चे हैं और नेहा उनकी तीसरे नंबर की बेटी थी। घटना की सूचना मिलने के बाद NDRF और SDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती दौर में बोरवेल के अंदर से बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दे रही थी। इसके बाद रेस्क्यू टीम ने बोरवेल के अंदर कैमरा भी डाला।कैमरे से मिली तस्वीरों में बोरवेल के अंदर कुछ पत्थर दिखाई दे रहे थे। अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू टीम को बोरवेल के आसपास अतिरिक्त लाइटों की व्यवस्था करनी पड़ी। NDRF और SDRF की टीमों ने करीब 10 घंटे तक लगातार बचाव अभियान चलाया। सोमवार सुबह करीब 4 बजे नेहा को बोरवेल से बाहर निकाला जा सका।बाहर निकालने के समय बच्ची के शरीर में कोई हलचल नहीं थी। रेस्क्यू टीम ने उसे तुरंत निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सीही गांव में नगर निगम की जमीन पर बोरवेल लगा हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक, यह बोरवेल कई साल से सूखा पड़ा था। रविवार शाम नेहा बस्ती के अन्य बच्चों के साथ बोरवेल के पास खेल रही थी। पास में खड़े ट्रैक्टर पर बच्चे खेलने के लिए चढ़ गए। इसी दौरान नेहा का पैर फिसला और वह बोरवेल में जा गिरी। बच्चों ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। नेहा के पिता रामदीन को घटना की सूचना दी गई। NDRF और SDRF की टीमों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। करीब 10 घंटे की कोशिश के बाद सोमवार सुबह 4 बजे बच्ची को बाहर निकाला गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
