चंडीगढ़ में सीएम भगवंत मान के आवास के पास सीबीआई की रेड हुई है. चंडीगढ़ के सेक्टर 2 में चीफ मिनिस्टर के कैंप ऑफिस के कोठी नंबर 50 में सीबीआई की टीम पहुंची है. सीएम के ओएसडी राजबीर घुम्मन से जुड़े मामले की जांच के लिए उनके सीबीआई की टीम 3 बसों में सुरक्षा बलों के साथ उनके आवास पहुंची है. राजबीर घुम्मन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं और हाई कोर्ट ने 5 अक्टूबर को उनके खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश दिए थे. इस मामले को लेकर पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है. पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने 48 घंटे पहले ही ये आदेश दिया था कि सीबीआई 2 महीने में एफआईआर दर्ज कर इस पूरे नेटवर्क के बारे में स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में पेश करेगी. इसके बाद सीबीआई ने तुरंत एफआईआर दर्ज कर बड़े दलबल के साथ 50 नंबर बंगले पर पहुंची है. पंजाब सरकार ने हाई कोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार से जुड़े लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने और दो महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई है. सीजेपी सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कहा कि वह इस मामले की सुनवाई बुधवार और गुरुवार को करेगी. वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने का अनुरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट से कहा कि यह संघीय ढांचे के उल्लंघन का स्पष्ट मामला है. इससे पहले, राज्य सरकार ने हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सोमवार देर रात एक बजकर 42 मिनट पर विशेष अनुमति याचिका दाखिल की. हाई कोर्ट के वकील निखिल सराफ की ओर से दायर एक याचिका पर भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच का आदेश दिया था. आरोपों में तबादलों और अनुकूल नीतियां हासिल करने के लिए पैसे लेने जैसे आरोप शामिल हैं. याचिकाकर्ता ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से आम आदमी पार्टी सरकार को पत्र भेजे जाने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है. याचिका में दलील दी गई है कि आरोप स्वतंत्र जांच के योग्य हैं, क्योंकि इससे राज्य सरकार के कामकाज को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं. इस मामले में CBI ने पंजाब के मुख्यमंत्री के OSD राजबीर घुमन, नितिन गोहल, जितिन गोहल,  राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर, आर.एस. नागरा और अज्ञात सरकारी अधिकारियों और निजी लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. FIR में दो सरकारी कर्मचारियों के अलावा बिचौलियों और अन्य सहयोगियों को भी आरोपी बनाया गया है. FIR दर्ज करने के बाद CBI ने चंडीगढ़, मोहाली, गुरदासपुर, लुधियाना, पटियाला, संगरूर और जालंधर में कुल 8 जगहों पर एक साथ छापेमारी की. इस दौरान आरोपियों से जुड़े ठिकानों से लैपटॉप, मोबाइल फोन और कई दस्तावेज बरामद किए गए हैं.