कोलकाता और आस-पास के इलाके शुक्रवार दोपहर 1:22 बजे हिले। शुरुआती खबर है कि 52 सेकंड में कुल तीन झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर झटके की तीव्रता 5.5 थी। एक घंटे पहले, सिक्किम के नामची में दोपहर 12:02 बजे भूकंप का झटका महसूस किया गया था। अलीपुर मौसम विभाग ने बताया कि शुक्रवार दोपहर आए भूकंप का केंद्र बांग्लादेश का खुलना था। भूकंप ज़मीन से 10 km नीचे आया। नबन्ना और विधानसभा को खाली करा लिया गया है। कई लोग दहशत में सड़कों पर निकल आए हैं। कोलकाता के साथ-साथ 24-2 परगना, हावड़ा और हुगली में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। नदिया और मुर्शिदाबाद के अलग-अलग इलाकों में भी भूकंप के झटकों की वजह से कई लोग सड़कों पर निकल आए। कोलकाता के आनंदपुर और साल्ट लेक और पार्क स्ट्रीट समेत अलग-अलग इलाकों में कई ऑफिस के कर्मचारी दहशत में सड़कों पर निकल आए हैं। हालांकि, अभी तक किसी नुकसान की कोई खबर नहीं है। प्रशासन के अधिकारी हालात पर नज़र रखे हुए हैं। पश्चिम बंगाल के अलावा त्रिपुरा, म्यांमार और इंडोनेशिया में भी भूकंप महसूस किया गया। इससे पहले 3 फरवरी को रात करीब 9 बजे कोलकाता भी हिला था। भूकंप का केंद्र म्यांमार के बीच में था। रिक्टर स्केल पर झटके की तीव्रता 6 थी। कुछ ही हफ्तों के गैप के बाद भूकंप का डर वापस आ गया है।