पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। सोमवार को कोलकाता की सड़कों पर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी ताकत दिखाने के लिए मेगा रैली का आयोजन किया। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में निकली इस पदयात्रा में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के नारे के साथ आयोजित इस कार्यक्रम को विपक्ष के खिलाफ बीजेपी के राष्ट्रव्यापी राजनीतिक अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। बीजेपी की यह रैली कोलकाता के कॉलेज स्ट्रीट से शुरू होकर धर्मतला स्थित एस्प्लेनेड तक पहुंचने के लिए निर्धारित थी। कार्यक्रम के अनुसार, पदयात्रा दोपहर करीब 3 बजे शुरू हुई। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन दोपहर लगभग 2:30 बजे कोलकाता पहुंचे और इसके बाद सीधे रैली स्थल के लिए रवाना हुए। करीब पांच किलोमीटर की इस पदयात्रा के जरिए पार्टी ने अपने राजनीतिक संदेश को आम लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की। इस कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की बात कही गई। इनके अलावा बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के भी पदयात्रा में हिस्सा लेने की तैयारी थी। पार्टी का उद्देश्य राज्य में अपने संगठन को मजबूत करना और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए कार्यकर्ताओं को एकजुट करना है। इस रैली का राजनीतिक महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि हाल ही में दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन ने चुनावी प्रक्रिया और वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया था। विपक्षी दलों ने चुनावी अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए बीजेपी पर निशाना साधा था। इसके जवाब में बीजेपी ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत देश के अलग-अलग हिस्सों में पदयात्राएं आयोजित करने का फैसला किया है। हालांकि, विपक्ष के आरोपों और बीजेपी के जवाब के बीच चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस लगातार जारी है। नितिन नवीन का यह दौरा केवल रैली तक सीमित नहीं है। कार्यक्रम के बाद उनके प्रदेश बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के साथ संगठनात्मक बैठक करने की भी योजना है। इस बैठक में कोलकाता नगर निगम (KMC) और हावड़ा नगर निगम (HMC) समेत राज्य के सात शहरी निकायों में होने वाले चुनावों की तैयारियों पर चर्चा हो सकती है। उम्मीदवारों के चयन, संगठन की मजबूती और स्थानीय स्तर पर चुनावी रणनीति तैयार करना बैठक के प्रमुख मुद्दे रहेंगे। बीजेपी ने इस अभियान को केवल कोलकाता तक सीमित नहीं रखने का फैसला किया है। प्रदेश बीजेपी उपाध्यक्ष प्रबल राहा के मुताबिक, 3 नवंबर को हावड़ा और सिलीगुड़ी में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद 4 नवंबर को कृष्णानगर और 5 नवंबर को दुर्गापुर में पार्टी कार्यकर्ता सड़क पर उतरेंगे। अभियान का दूसरा चरण काली पूजा और दिवाली के बाद 11 नवंबर से शुरू होगा। इसके तहत पूरे पश्चिम बंगाल में लगभग 800 स्थानों पर मार्च निकालने की योजना है। पार्टी ने प्रत्येक स्थान पर कम से कम 10 हजार लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा है। राज्य के सात शहरी निकायों में चुनाव दिसंबर के तीसरे या चौथे सप्ताह में होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, चुनाव परिणाम दिसंबर के अंतिम सप्ताह या जनवरी 2027 के पहले सप्ताह में आ सकते हैं। ऐसे में नितिन नवीन की कोलकाता यात्रा को आगामी निकाय चुनावों से पहले बीजेपी के संगठनात्मक और राजनीतिक अभियान को नई दिशा देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। फिलहाल, कोलकाता की इस मेगा रैली के जरिए बीजेपी ने साफ कर दिया है कि वह पश्चिम बंगाल में विपक्ष के राजनीतिक अभियानों का जवाब सड़क पर उतरकर देने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में राज्य के दूसरे जिलों में होने वाले कार्यक्रमों पर भी राजनीतिक नजरें टिकी रहेंगी।
