प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को पूर्व उप प्रधानमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी के आवास पर पहुंचे और शासन प्रमुख के रूप में अपने 25 वर्ष पूरे होने पर उनका आशीर्वाद लिया। मोदी सात अक्टूबर 2001 से लगातार प्रशासन के प्रमुख के पद पर रहे हैं। वह पहले तीन कार्यकाल तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और इसके बाद लगातार तीन लोकसभा चुनाव जीतकर प्रधानमंत्री बने। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने पर यहां आडवाणी के आवास पर गए थे। यह मुलाकात दोनों नेताओं के लंबे राजनीतिक संबंधों को दर्शाती है। प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि आडवाणी जी से उनके आवास पर मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया। दशकों तक उनकी जनसेवा और हमारे राष्ट्रीय जीवन में उनके योगदान ने एक अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने भारत की प्रगति को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मोदी ने आडवाणी जी के लंबे सार्वजनिक जीवन और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया। यह मुलाकात 25 साल के सफर के महत्वपूर्ण पड़ाव पर हुई। इससे पहले सरकार के प्रमुख के रूप में एक चौथाई सदी पूरी होने के उपलक्ष्य में विकसित भारत संकल्प सभा को संबोधित करते हुए मोदी ने हम करके रहेंगे का नारा गढ़ा। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत टॉप तीन अर्थव्यवस्था आत्मनिर्भर भारत जैसे लक्ष्यों के प्रति संकल्प दोहराया। जनसेवा के 25 साल को व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया। आडवाणी जी से आशीर्वाद लेने के बाद यह संबोधन और सार्थक हो गया। सात अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ के साथ शुरू हुआ यह सफर तीन मुख्यमंत्री कार्यकाल और तीन प्रधानमंत्री कार्यकाल तक पहुंचा। आडवाणी जैसे वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन और आशीर्वाद को मोदी ने अपने राजनीतिक जीवन की महत्वपूर्ण पूंजी बताया। दोनों नेताओं की मुलाकात भाजपा की पुरानी पीढ़ी और वर्तमान नेतृत्व के बीच निरंतरता को रेखांकित करती है। राष्ट्रीय जीवन में आडवाणी जी के योगदान को मोदी ने अमिट बताया। 25 साल की निरंतर सेवा के इस मौके पर आडवाणी जी का आशीर्वाद लेना पीएम मोदी के लिए विशेष रहा। उन्होंने जनसेवा और राष्ट्र के प्रति समर्पण को अपना मिशन बताया। विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के संकल्प के साथ यह मुलाकात राजनीतिक और भावनात्मक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण रही। आडवाणी जी के आशीर्वाद के बाद मोदी ने आगे की यात्रा जारी रखने का संकल्प लिया। पूरे प्रसंग ने भाजपा की विरासत और भविष्य दोनों को एक साथ प्रस्तुत किया।