तमिलनाडु में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा का दायरा अब और बढ़ गया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने गांधी जयंती के अवसर पर शुक्रवार को चेन्नई के कोयम्बेडु बस टर्मिनस से विस्तारित ‘वेट्री पयनम’ (Vettri Payanam) योजना की शुरुआत की। इसके तहत महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों को राज्य की चिन्हित सरकारी बस सेवाओं में बिना किराया यात्रा की सुविधा मिलेगी। सरकार के मुताबिक, इस विस्तार से प्रतिदिन करीब 84.32 लाख महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। पहले मुफ्त बस यात्रा की सुविधा मुख्य रूप से साधारण बसों तक सीमित थी। अब इसका विस्तार एक्सप्रेस, लिमिटेड स्टॉप सर्विस (LSS) और डीलक्स बसों तक किया गया है। इसके अलावा इंटर-डिस्ट्रिक्ट और ग्रामीण क्षेत्रों में चलने वाली पात्र साधारण बसों तथा कुछ पहाड़ी मार्गों की बस सेवाओं को भी योजना में शामिल किया गया है। राज्य सरकार ने इस विस्तारित व्यवस्था के तहत कुल 12,692 सरकारी बसों को शामिल किया है। यह तमिलनाडु की सात सरकारी परिवहन कंपनियों द्वारा संचालित निर्धारित बसों का करीब 69 प्रतिशत है। ‘वेट्री पयनम’ के तहत लाभ लेने वाली महिलाओं के लिए आय की कोई सीमा निर्धारित नहीं की गई है। इसके साथ ही एक दिन में कितनी बार यात्रा की जा सकती है, इस पर भी कोई सीमा नहीं रखी गई है। यानी पात्र यात्री योजना में शामिल बस सेवाओं पर अपनी जरूरत के अनुसार यात्रा कर सकती हैं। सरकार के अनुसार, इस सुविधा का उद्देश्य महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी गतिविधियों तक पहुंच आसान बनाना है। योजना के विस्तार से खासतौर पर लंबी दूरी और अंतर-जिला यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिलने की उम्मीद है। इस योजना का लाभ केवल महिलाओं तक सीमित नहीं है। तमिलनाडु सरकार ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को भी पात्र सेवाओं में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी है। सरकार का कहना है कि परिवहन खर्च शिक्षा, रोजगार या आजीविका के रास्ते में बाधा न बने, इसी उद्देश्य से योजना का दायरा बढ़ाया गया है। ‘वेट्री पयनम’ तमिल भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ ‘विजयी यात्रा’ बताया गया है। इस योजना का नाम मुख्यमंत्री विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के नाम से जुड़ा हुआ है। यह योजना पहले से लागू महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा व्यवस्था का विस्तारित रूप है। सरकार के अनुसार, विस्तारित योजना पर सालाना करीब 6,000 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में अगस्त में इसकी घोषणा की थी और गांधी जयंती यानी 2 अक्टूबर से इसे लागू करने की बात कही थी। अब योजना का औपचारिक विस्तार शुरू कर दिया गया है।
