10 महिलाओं समेत 22 माओवादियों ने हथियारों के साथ पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। उन्होंने मंगलवार को ओडिशा के मलकानगिरी इलाके में सरेंडर किया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सभी माओवादी छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। उनके पास से गोलियां, बम और बंदूकें भी बरामद की गई हैं। सरेंडर करने वाले माओवादियों में एक डिविजनल कमेटी मेंबर और एक एरिया कमेटी मेंबर शामिल हैं। पता चला है कि माओवादियों के पास से एक AK-47, दो इंसास राइफल, तीन 3-नॉट-3 राइफल और दो सिंगल शॉट समेत कुल 9 बंदूकें बरामद की गई हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि इसके अलावा 150 कारतूस और 20 kg विस्फोटक भी मिले हैं। ओडिशा पुलिस ने सरेंडर करने वाले माओवादियों को दी जाने वाली आर्थिक मदद की रकम बढ़ा दी है। ओडिशा पड़ोसी राज्य झारखंड के मुकाबले करीब 20 परसेंट ज़्यादा पैसे दे रहा है। इसलिए पुलिस को शक है कि माओवादियों ने ओडिशा आकर सरेंडर किया। वैसे, ओडिशा पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, 2006 से 2025 तक स्टेट, डिविजनल और एरिया कमेटी मेंबर समेत कुल 610 माओवादियों ने सरेंडर किया है। पुलिस ने बताया कि सरेंडर करने वाले 22 माओवादियों में छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का डिविजनल कमेटी मेंबर लिंजे उर्फ मिया मरकाम (45) और दंतेवाड़ा जिले का एरिया कमेटी मेंबर बामन मरकाम (27) शामिल हैं। माओवादियों के सिर की कीमत 2 करोड़ रुपये से ज़्यादा थी।
ओडिशा के मलकानगिरी में 10 महिलाओं समेत 22 माओवादियों ने सरेंडर किया, हथियार बरामद