पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने रिश्वतखोरी के एक कथित मामले में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) और एक कथित बिचौलिये को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 9 अक्टूबर 2026 को की गई। मामला राज्य परिवहन प्राधिकरण (STA) के तहत बस परमिट के नवीनीकरण या उसके स्थान पर नया परमिट जारी कराने से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, बस परमिट के नवीनीकरण या उसे बदलने से संबंधित काम कराने के बदले कथित तौर पर 1 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। बाद में बातचीत के दौरान यह रकम घटाकर 90 हजार रुपये तय किए जाने का आरोप है। शिकायत मिलने के बाद पश्चिम बंगाल एसीबी ने मामले में कार्रवाई की योजना बनाई। एसीबी ने 9 अक्टूबर को शिकायत के आधार पर ट्रैप ऑपरेशन चलाया। इस कार्रवाई के दौरान एक RTO और एक कथित बिचौलिये को संबंधित रिश्वत लेन-देन के मामले में पकड़ा गया और गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि, मामले में आरोपों से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। इस मामले में एसीबी की जांच जारी है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित रिश्वत लेन-देन किन परिस्थितियों में हुआ और क्या इसमें अन्य लोगों की भी कोई भूमिका थी। फिलहाल, जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले से जुड़ी पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।