लद्दाख राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर रणक्षेत्र बना हुआ है। पुलिस के साथ झड़प में कम से कम चार प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई। 30 लोग घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा कार्यालय में आग लगा दी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए गोलियां चलाईं। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इन चार लोगों की मौत हो गई। सोनम वांगचुक ने इस घटना के बाद 15 दिनों से चल रही अपनी भूख हड़ताल वापस ले ली। एक संगठन ने बुधवार को पहले ही लद्दाख बंद का आह्वान किया था। उनके आह्वान पर सुबह से ही भाजपा कार्यालय के बाहर भीड़ बढ़ने लगी थी। भीड़ जानना चाहती थी कि राज्य का दर्जा अभी तक बहाल क्यों नहीं किया जा रहा है। बाद में भाजपा समर्थकों की प्रदर्शनकारियों से झड़प हो गई। धीरे-धीरे इसने बड़ा रूप ले लिया। 2019 में संसद ने एक कानून पारित कर लद्दाख को जम्मू-कश्मीर के साथ केंद्र शासित प्रदेश में बदल दिया। बाद में केंद्र सरकार ने राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग की। लेकिन सोनम वांगचुक ने देरी का दावा करते हुए नई भूख हड़ताल शुरू कर दी है इसके परिणामस्वरूप लेह की शीर्ष संस्था ने बंद का आह्वान किया।
राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर लद्दाख बना रणक्षेत्र, 4 की मौत, 50 घायल