उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा से आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के दो सहयोगियों को भारी मात्रा में चीनी हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस और सेना की कार्रवाई से एक बड़ी तोड़फोड़ की साजिश नाकाम कर दी गई। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों का दावा है कि गिरफ्तार किए गए अब माजिद गोजरी और अब हामिद डार के साथ आतंकवादी संगठन के संपर्क के सबूत मिले हैं। गिरफ्तार किए गए लोग एसके बाला और बिजपारा के रहने वाले हैं। रविवार को पुलिस और सेना ने गुप्त सूत्रों से मिली सूचना पर बांदीपोरा में एक संयुक्त अभियान चलाया। अभियान के दौरान लश्कर के दोनों सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया। सेना के सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार लोगों के पास से 2 चीनी ग्रेनेड, 2 यूबीजीएल ग्रेनेड और एके-47 राइफल के 10 राउंड कारतूस बरामद किए गए। यह पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है कि क्या आतंकवादी किसी तोड़फोड़ की योजना बना रहे थे। गिरफ्तार लोगों के खिलाफ यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते बुधवार को एनआईए ने श्रीनगर और हंदवाड़ा जिलों में दो जगहों पर तलाशी ली थी। जाँचकर्ताओं को सूचना मिली थी कि लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के मुखौटा संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ को विदेशों से धन प्राप्त हुआ है। इसी आधार पर रविवार को बांदीपोरा में भी तलाशी ली गई। इसी के आधार पर यह गिरफ्तारी हुई। बताया जा रहा है कि रविवार को गिरफ्तार किए गए दोनों युवकों को पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया था। राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने एक बयान में कहा कि लश्कर-ए-तैयबा स्थानीय युवाओं को देश-विरोधी गतिविधियों के लिए उकसा रहा है और उन्हें धन मुहैया करा रहा है।