तृणमूल कांग्रेस विधानसभा में एसआईआर के खिलाफ प्रस्ताव ला सकती है

राज्य का सत्ताधारी खेमा विधानसभा के शीतकालीन सत्र में एसआईआर के खिलाफ प्रस्ताव लाने की कोशिश में है। पार्टी ने इस पर विचार करना शुरू कर दिया है। मंगलवार से बंगाल में एसआईआर का काम आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है। बीएलओ घर-घर जाकर फॉर्म बांट रहे हैं। इस बीच, बंगाल का सत्ताधारी खेमा एसआईआर के खिलाफ प्रस्ताव लाकर केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, शीतकालीन सत्र नवंबर के मध्य में शुरू हो सकता है। राजनीतिक हलके के एक बड़े वर्ग का मानना ​​है कि तब तक एसआईआर प्रक्रिया को लेकर राज्य भर में चल रही बहस तेज हो जाएगी। ऐसे में तृणमूल ने विधानसभा में प्रस्ताव लाकर एक राजनीतिक संदेश देने की योजना बनाई है। प्रशासनिक तैयारियों के बीच एसआईआर को लेकर सियासी पारा भी चढ़ने लगा है। तृणमूल का शुरू से ही मानना ​​है कि आयोग ने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को अतिरिक्त लाभ पहुंचाने के लिए यह कदम उठाया है। ममता बनर्जी से लेकर अभिषेक बनर्जी तक, सभी इस पर मुखर रहे हैं। घासफुल शिबिर का दावा है कि एसआईआर प्रक्रिया में असली मतदाताओं के नाम छूट रहे हैं और इस डर से एक के बाद एक मौतें भी हो रही हैं। ऐसे माहौल में विधानसभा में एसआईआर से जुड़ा प्रस्ताव लाए जाने की संभावना है। आगामी शीतकालीन सत्र अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मौजूदा विधानसभा का आखिरी पूर्ण सत्र होगा। फरवरी में केवल अंतरिम बजट पेश किया जाएगा। इसलिए राजनीतिक दृष्टि से यह सत्र काफी महत्वपूर्ण है। तृणमूल विधायक दल इस सत्र का इस्तेमाल एसआईआर मुद्दे पर केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी और चुनाव आयोग के खिलाफ आवाज उठाने और राज्य के मतदाताओं को एक खास संदेश देने के लिए एक हथियार के रूप में करने की योजना बना रहा है। विधानसभा चुनाव प्रचार में तृणमूल इस मुद्दे पर भाजपा को घेरेगी। विधानसभा सत्र आयोजित कर वे उस काम को और आगे ले जाना चाहते हैं। इससे पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस महासचिव अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में कोलकाता के रेड रोड से जोड़ासांको तक एक विशाल विरोध मार्च निकाला गया। मार्च के बाद राज्य के प्रशासनिक प्रमुख को सभा में तालियां भी मिलीं। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि अगर बंगाल में एक भी मतदाता का नाम छूटा तो वे दिल्ली की भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकेंगे। उस कार्यक्रम के बाद तृणमूल कांग्रेस पार्टी ने एसआईआर के खिलाफ प्रस्ताव लाने की एक नई पहल की है।

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