BJP को सत्ता में आए एक महीना भी नहीं हुआ और उन्होंने जगह-जगह हॉकरों को हटाना शुरू कर दिया है। तृणमूल सरकार ने गैरकानूनी तरीके से बैठे हॉकरों से ज़मीन खाली कराई थी। लेकिन उन्होंने उनके पुनर्वास का इंतज़ाम किया था। लेकिन इस सरकार ने बिना पुनर्वास का कोई इंतज़ाम किए हॉकरों को हटा दिया। शनिवार आधी रात को दमदम स्टेशन पर रेलवे के बुलडोज़र चले। एक के बाद एक दुकानें गिराई गईं। जिन व्यापारियों की कमाई का ठिकाना छिन गया है, वे अब दहशत में हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि शनिवार रात को जैसे ही स्टेशन पर यात्रियों और हॉकरों की संख्या कम हुई, RPF, रेलवे पुलिस और राज्य पुलिस की एक बड़ी फ़ोर्स के साथ बड़ी संख्या में सेंट्रल फ़ोर्स दमदम पहुँच गई। शुरू में माइकिंग करके हॉकरों को जाने का आदेश दिया गया। कुछ ही देर में बुलडोज़र चल पड़ा। बुलडोज़र ने स्टेशन के बाहर सड़क पर गैर-कानूनी तरीके से कब्ज़ा हटाने का अभियान शुरू कर दिया। आधी रात की इस घटना को लेकर हंगामा शुरू हो गया। हॉकरों और व्यापारियों ने भी दुकानों को गिराने से रोकने की कोशिश की। अब सैकड़ों हॉकरों के परिवार अनिश्चितता में हैं। सब कुछ खो चुके इन बेबस फेरीवालों के पास अब मौत के अलावा कोई चारा नहीं बचा है। तृणमूल सरकार के समय रेलवे ने कई बार इन फेरीवालों को हटाने की कोशिश की, लेकिन सरकार उनके साथ खड़ी रही। लेकिन जैसे ही यह सरकार सत्ता में आई, सारी कोशिशें खत्म हो गईं। उल्टा, उनकी रोजी-रोटी पर असर पड़ रहा है। भविष्य अंधेरे में खोता जा रहा है।
