मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। शुक्रवार रात INDIA ब्लॉक के 10 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई। इस दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की सुरक्षाकर्मियों से बहस भी हुई। इसके बाद वह अन्य सांसदों के साथ विजय चौक पर सड़क पर बैठ गईं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध के बीच INDIA ब्लॉक के 10 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के सामने अपनी मांगें रखते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा की सुरक्षाकर्मियों से बहस होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद वह अन्य सांसदों के साथ विजय चौक पर सड़क पर बैठ गईं।विपक्षी सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और सांसदों की आवाजाही को लेकर भी स्थिति चर्चा में रही। राष्ट्रपति से मुलाकात से पहले विपक्षी सांसदों ने संसद के सेंट्रल हॉल में करीब 30 मिनट तक बैठक की। इस बैठक में आगे की रणनीति और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को लेकर चर्चा हुई।इस दौरान ममता बनर्जी भी पहली बार ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं। उनकी भागीदारी को विपक्षी एकजुटता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विपक्षी सांसदों ने पिछले चार दिनों में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ तीसरी बार मार्च निकाला। इससे पहले 6 अक्टूबर को ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ आयोजित किया गया था। इसके बाद 7 अक्टूबर को विपक्षी सांसद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए निकले, लेकिन रास्ते में उन्हें रोक दिया गया। वहीं, 8 अक्टूबर को कनॉट प्लेस से राजघाट तक मार्च निकाला गया।लगातार हो रहे प्रदर्शनों के जरिए विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को राजनीतिक स्तर पर उठा रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का विरोध अब राष्ट्रपति तक पहुंच गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
