पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को एक और मामले में जमानत मिल गई है। गैर-शिक्षण कर्मचारी भर्ती भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई द्वारा दर्ज एक मामले में उन्हें मंगलवार को जमानत दे दी गई। पता चला है कि सीबीआई की विशेष अदालत ने पार्थ चटर्जी को 90,000 रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी है। हालांकि, उन्हें अभी जेल से रिहा नहीं किया जा रहा है। प्राथमिक भर्ती भ्रष्टाचार मामले का दांव उनके सिर पर मंडरा रहा है। कलकत्ता उच्च न्यायालय में उनकी सुनवाई सोमवार को समाप्त हो गई। हालांकि, न्यायमूर्ति शुभ्रा घोष ने फैसला टाल दिया है। जानकार सूत्रों के अनुसार, पूर्व शिक्षा मंत्री उस मामले में जमानत मिलने पर ही जेल से बाहर आ पाएंगे। क्या यह पूजा से पहले होगा? अटकलें तेज हैं। 2022 में शिक्षक भर्ती भ्रष्टाचार मामले में ईडी की तलाशी के दौरान तत्कालीन शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी प्रेमिका अर्पिता मुखर्जी के घरों से भारी मात्रा में धन बरामद किया गया था। बाद में, सीबीआई द्वारा भर्ती घोटाले की जाँच शुरू करने के बाद भी, पार्थ को गिरफ्तार कर लिया गया। तब से राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री जेल में हैं। भ्रष्टाचार के मामले में उनकी गिरफ्तारी के बाद, तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें पार्टी के सभी पदों से हटाने का फैसला किया।