नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन ने एंजल चकमा की हत्या के मामले में एक्शन लिया है। कमीशन ने देहरादून के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट और सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस को नोटिस भेजा है। घटना की जांच कर सात दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया है। आरोप है कि त्रिपुरा से MBA करने देहरादून आई एंजल को बार-बार ‘चाइनीज़ मोमो’ कहकर चिढ़ाया जाता था। 9 दिसंबर को 5-6 युवकों ने 24 साल की एंजल पर धारदार हथियार से हमला कर दिया था। त्रिपुरा की 24 साल की एंजल के सिर और पीठ पर धारदार हथियार से वार किए गए थे। हॉस्पिटल में भर्ती होने के बाद 17 दिन तक जूझने के बाद पिछले शुक्रवार को एंजल की मौत हो गई। उसके बाद उसके साथ हुई ज्यादती और ‘जातिगत नफरत’ के आरोप सामने आए। सोमवार को पिता ने आरोप लगाया कि एंजल को ‘चाइनीज़’ कहकर मारा गया। उसके बाद कमीशन ने एक्शन लिया। नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन ने देहरादून एडमिनिस्ट्रेशन को त्रिपुरा की स्टूडेंट की हत्या के मामले में लगाए गए सभी आरोपों की सही जांच करने का निर्देश दिया है। साथ ही अगले सात दिन में की गई कार्रवाई पर रिपोर्ट भी मांगी है। नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन ने यह भी निर्देश दिया है कि मामले की पूरी जांच रिपोर्ट उत्तराखंड के चीफ सेक्रेटरी और डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस को भेजी जाए। कमीशन के नोटिस में यह भी कहा गया है कि देहरादून एडमिनिस्ट्रेशन को पूरे राज्य में नॉर्थ-ईस्ट इलाके के स्टूडेंट्स की सेफ्टी पक्की करनी चाहिए।
त्रिपुरा में छात्र की हत्या के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने देहरादून प्रशासन को नोटिस जारी किया