पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मेट्रो यात्रियों के लिए महालया के दिन एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। बेलीघाटा से सॉल्टलेक सेक्टर-5 स्थित आईटी सेंटर तक ऑरेंज लाइन के विस्तारित हिस्से पर शनिवार को मेट्रो का सफल ट्रायल रन किया गया। इस विस्तार से शहर के प्रमुख आईटी हब तक मेट्रो कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है। लंबे समय से अटके इस रूट पर निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अब यात्री सेवा शुरू करने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। हालांकि, मेट्रो प्रशासन ने अभी तक यात्री सेवा शुरू होने की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। तकनीकी जांच और सुरक्षा संबंधी मंजूरी मिलने के बाद ही इस रूट पर नियमित परिचालन शुरू हो सकेगा। महालया के अवसर पर कोलकाता मेट्रो के ऑरेंज लाइन कॉरिडोर के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। शनिवार को बेलीघाटा से आईटी सेंटर तक खाली मेट्रो रेक चलाकर ट्रायल रन किया गया, जिसे रेलवे ने सफल बताया है। इस परीक्षण का उद्देश्य विस्तारित हिस्से पर मेट्रो परिचालन की तकनीकी तैयारियों को परखना है। करीब 16 साल पहले कवि सुभाष से एयरपोर्ट तक मेट्रो परियोजना को सरकारी मंजूरी मिली थी। पिछले साल न्यू गरिया स्थित कवि सुभाष से बेलीघाटा तक यात्री सेवा शुरू होने के बाद अब इस लाइन को सेक्टर-5 तक पहुंचाने की तैयारी है। इस विस्तार से रोजाना काम के सिलसिले में सॉल्टलेक आने-जाने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, ट्रायल रन सफल होने के बावजूद नियमित यात्री सेवा शुरू करने से पहले जरूरी तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। कवि सुभाष से एयरपोर्ट तक प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण में कई बाधाओं का सामना करना पड़ा है। इनमें चिंगड़ीघाटा मोड़ के पास का हिस्सा लंबे समय तक अटका रहा। प्रशासनिक अड़चनों के कारण यहां मेट्रो ट्रैक का निर्माण करीब पांच साल तक आगे नहीं बढ़ सका। इसके चलते बेलीघाटा से सेक्टर-5 तक मेट्रो सेवा शुरू करने की योजना में भी देरी हुई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बाद में मंजूरी मिलने के बाद संबंधित हिस्से में तेजी से काम पूरा किया गया। करीब दो सप्ताह के भीतर युद्धस्तर पर निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अब इस हिस्से पर ट्रायल रन किया गया है। इस रूट के शुरू होने से लंबे समय से मेट्रो कनेक्टिविटी का इंतजार कर रहे यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। बेलीघाटा से आईटी सेंटर तक यात्री सेवा शुरू करने से पहले इस लाइन पर कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल सिस्टम यानी CBTC लगाने का काम किया जाएगा। यह एक आधुनिक सिग्नलिंग और ट्रेन कंट्रोल तकनीक है, जो मेट्रो ट्रेनों के परिचालन को नियंत्रित करने में मदद करती है। इस व्यवस्था के जरिए स्वचालित ट्रेन परिचालन संभव होता है और उपयुक्त तकनीकी व्यवस्था के तहत बिना ड्राइवर के भी ट्रेन चलाई जा सकती है। ईस्ट-वेस्ट मेट्रो के ग्रीन लाइन कॉरिडोर पर पहले से ही यह तकनीक इस्तेमाल की जा रही है। CBTC सिस्टम के लागू होने के बाद इस विस्तारित रूट पर कुछ अन्य तकनीकी कार्य भी पूरे किए जाएंगे। इसके बाद कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) की ओर से सुरक्षा निरीक्षण और जरूरी मंजूरी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इन सभी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही यात्री सेवा शुरू करने का रास्ता साफ होगा। कोलकाता मेट्रो की कवि सुभाष-एयरपोर्ट परियोजना लगभग 4,000 करोड़ रुपये की है और इसकी कुल लंबाई करीब 30 किलोमीटर बताई गई है। इस पूरे कॉरिडोर में 23 स्टेशन जमीन के ऊपर बनाए गए हैं, जबकि एयरपोर्ट स्टेशन भूमिगत है। ऑरेंज लाइन पर पहली व्यावसायिक यात्री सेवा कवि सुभाष से हेमंत मुखोपाध्याय स्टेशन तक शुरू की गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 मार्च 2024 को वर्चुअल माध्यम से इस रूट पर यात्री सेवा का उद्घाटन किया था। इसके बाद 22 अगस्त 2025 को हेमंत मुखोपाध्याय से बेलीघाटा तक मेट्रो सेवा का विस्तार किया गया। हालांकि, अभी तक इस लाइन के सभी हिस्से एक साथ चालू नहीं हुए हैं। सेक्टर-5 तक विस्तार होने के बाद इस कॉरिडोर की उपयोगिता बढ़ने और यात्रियों की संख्या में इजाफा होने की उम्मीद है। सॉल्टलेक सेक्टर-5 कोलकाता और आसपास के इलाकों का प्रमुख आईटी और कॉर्पोरेट हब है, जहां बड़ी संख्या में कर्मचारी रोजाना आते-जाते हैं। फिलहाल इस क्षेत्र तक पहुंचने के लिए यात्रियों को बस, ऑटो और अन्य सड़क परिवहन साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है। बेलीघाटा से आईटी सेंटर तक मेट्रो सेवा शुरू होने पर इन यात्रियों के लिए एक अतिरिक्त और सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध होगा। प्रस्तावित आईटी सेंटर स्टेशन सेक्टर-5 के नजदीक स्थित है, जिससे आईटी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को विशेष लाभ मिल सकता है। इस रूट के शुरू होने से सड़क पर यातायात का दबाव कम करने में भी मदद मिलने की संभावना है। रेलवे अधिकारियों को उम्मीद है कि सेक्टर-5 जैसे व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र से जुड़ने के बाद ऑरेंज लाइन पर यात्रियों की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी हो सकती है। इससे इस मेट्रो कॉरिडोर की व्यावसायिक उपयोगिता भी बढ़ेगी। आईटी सेंटर स्टेशन की शुरुआत होने पर यात्रियों को केवल ऑरेंज लाइन का ही फायदा नहीं मिलेगा, बल्कि दूसरी मेट्रो लाइनों तक पहुंचना भी आसान हो सकता है। प्रस्तावित आईटी सेंटर स्टेशन के ठीक सामने ईस्ट-वेस्ट मेट्रो की ग्रीन लाइन का चालू सेक्टर-5 स्टेशन स्थित है। दोनों स्टेशनों को जोड़ने वाले पुल के जरिए यात्रियों को एक मेट्रो कॉरिडोर से दूसरे कॉरिडोर तक पहुंचने की सुविधा देने की योजना है। इससे यात्रियों को मेट्रो बदलने के लिए सड़क पर उतरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ग्रीन लाइन के जरिए यात्री हावड़ा मैदान से सॉल्टलेक सेक्टर-5 तक सफर कर सकेंगे। इसके अलावा, एस्प्लेनेड स्टेशन पर उतरकर ब्लू लाइन की मेट्रो भी पकड़ी जा सकेगी। इस तरह दक्षिण कोलकाता के शहीद खुदीराम से लेकर दक्षिणेश्वर तक यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए भी मेट्रो नेटवर्क का इस्तेमाल अधिक सुविधाजनक हो सकता है। बेलीघाटा से आईटी सेंटर तक मेट्रो सेवा शुरू करने की तैयारियों के साथ-साथ एयरपोर्ट तक के शेष हिस्से पर भी काम आगे बढ़ रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आईटी सेंटर से एयरपोर्ट तक मेट्रो लाइन के बड़े हिस्से में बुनियादी ढांचे का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। ऐसे में बेलीघाटा से आईटी सेंटर तक यात्री सेवा शुरू होने के कुछ महीनों के भीतर पूरे कॉरिडोर पर मेट्रो परिचालन शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, 2027 तक इस पूरे रूट पर यात्रियों से भरी मेट्रो ट्रेनें चलने लग सकती हैं। हालांकि, इस संबंध में मेट्रो प्रशासन की ओर से अभी कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है। पूरे कॉरिडोर के चालू होने से एयरपोर्ट, न्यू गरिया और सॉल्टलेक के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इससे यात्रियों को शहर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचने के लिए अधिक सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन विकल्प मिल सकेगा। बेलीघाटा से आईटी सेंटर तक सफल ट्रायल रन को ऑरेंज लाइन के विस्तार की दिशा में अहम उपलब्धि माना जा रहा है। इसके बावजूद यात्रियों को नियमित मेट्रो सेवा शुरू होने के लिए अभी कुछ समय इंतजार करना पड़ सकता है। CBTC सिस्टम की स्थापना, अन्य तकनीकी कार्यों और सुरक्षा निरीक्षण जैसी प्रक्रियाएं पूरी होना जरूरी है। CRS की मंजूरी मिलने के बाद ही यात्री सेवा शुरू करने की अंतिम प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। फिलहाल मेट्रो प्रशासन ने उद्घाटन या नियमित परिचालन की तारीख को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। ऐसे में यात्रियों की नजर अब अगली तकनीकी प्रक्रियाओं और मेट्रो प्रशासन के फैसले पर टिकी हुई है। यदि तय समय के अनुसार काम पूरा होता है, तो आने वाले महीनों में सेक्टर-5 तक मेट्रो सेवा शुरू होने और 2027 तक एयरपोर्ट तक पूरे रूट के चालू होने की उम्मीद की जा सकती है।
