योगी राज में बोलने की आज़ादी छीनने की कोशिश! एक पत्रकार की सरेआम हत्या कर दी गई। गुरुवार शाम को बदमाशों ने एक होटल के सामने पत्रकार पर अचानक हमला कर दिया। पत्रकार पर अंधाधुंध चाकू से वार किए गए। जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पता चला है कि मृतक पत्रकार का नाम लक्ष्मी नारायण सिंह उर्फ पप्पू है। उनकी उम्र 54 साल है। गुरुवार को वह प्रयागराज के सिविल लाइंस इलाके में होटल हर्ष के सामने थे। तभी अज्ञात बदमाशों ने अचानक पप्पू पर हमला कर दिया। पत्रकार पर कई बार चाकू से वार किए गए। गंभीर रूप से घायल हालत में पप्पू को स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल ले जाया गया। लेकिन उन्हें मामूली इलाज भी नहीं दिया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने पप्पू को मृत घोषित कर दिया। लेकिन 54 साल के पत्रकार का अचानक इतना दुखद अंत क्यों हुआ? जांचकर्ताओं को अभी तक हत्या के पीछे कोई मकसद नहीं मिला है। एडिशनल डिप्टी कमिश्नर पुष्कर वर्मा ने बताया कि दिवंगत पत्रकार पप्पू हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंह के भतीजे थे। लेकिन पुलिस के पास इस बात का जवाब नहीं है कि पप्पू की हत्या क्यों की गई। परिवार इंसाफ चाहता है कि बेगुनाह पप्पू का इतना दुखद अंत क्यों हुआ। वे चाहते हैं कि हत्यारों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिले। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटनास्थल के CCTV फुटेज की जांच कर अपराधियों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है। गुरुवार रात को पुलिस ने तलाशी के दौरान हत्या के मुख्य आरोपी विशाल को पकड़ लिया। भागते समय उसका एनकाउंटर हो गया। उसके पैर में तीन गोलियां लगीं। विशाल को फिलहाल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस दो अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
प्रयागराज में पत्रकार की सरेआम हत्या