जापान में शनिवार देर रात करीब 1 बजे भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.7 दर्ज की गई। भूकंप के कारण कम से कम 22 लोग घायल हो गए, जबकि कई दुकानों और इमारतों के शीशे टूट गए। झटके इतने तेज थे कि लोग घरों और इमारतों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र शिजुओका प्रांत में जमीन से करीब 40 किलोमीटर नीचे था। वहीं, सबसे तेज झटके आइची प्रांत में महसूस किए गए। इस महीने जापान में आया यह तीसरा बड़ा भूकंप है। मौसम विज्ञान एजेंसी ने लोगों को अगले एक सप्ताह तक सतर्क रहने की सलाह दी है। जापान में शनिवार देर रात करीब 1 बजे धरती कांप उठी। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.7 दर्ज की गई। अचानक आए तेज झटकों से लोगों में दहशत फैल गई।कई इलाकों में लोग घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। भूकंप के असर से दुकानों के शीशे टूट गए और कई जगहों पर नुकसान की खबर सामने आई है।इस घटना में कम से कम 22 लोगों के घायल होने की जानकारी है। भूकंप के बाद प्रभावित इलाकों में लोगों के बीच डर का माहौल बना हुआ है। जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, भूकंप का केंद्र शिजुओका प्रांत में जमीन से करीब 40 किलोमीटर नीचे था।वहीं, सबसे तेज झटके आइची प्रांत में महसूस किए गए। भूकंप के झटके आसपास के इलाकों में भी महसूस किए गए, जिसके चलते लोग एहतियातन घरों से बाहर निकल आए। जापान में नवंबर महीने के दौरान लगातार भूकंप के तेज झटके महसूस किए जा रहे हैं। 5.7 तीव्रता का यह भूकंप इस महीने का तीसरा बड़ा भूकंप बताया जा रहा है।
इससे पहले
1 नवंबर: जापान में 6 तीव्रता का भूकंप आया था।
7 नवंबर: 5.6 तीव्रता के झटके महसूस किए गए।
शनिवार देर रात: 5.7 तीव्रता का भूकंप आया, जिसमें 22 लोग घायल हुए।
लगातार भूकंप के झटकों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने भूकंप के बाद लोगों को अगले एक सप्ताह तक सतर्क रहने की सलाह दी है।एजेंसी के मुताबिक, खासकर अगले 2 से 3 दिनों के दौरान फिर से तेज झटके महसूस हो सकते हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

