जम्मू-कश्मीर के जम्मू शहर में रेलवे स्टेशन के सामने स्थित शिव मार्केट में सोमवार तड़के भीषण आग लगने से भारी नुकसान हुआ। आग की चपेट में आने से करीब 35 से 40 दुकानें जलकर राख हो गईं। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, एक होटल को भी नुकसान पहुंचा है। शुरुआती अनुमान के अनुसार, कारोबारियों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। आग इतनी तेजी से फैली कि बाजार में काले धुएं के घने गुबार उठने लगे, जिन्हें दूर से भी देखा जा सकता था। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने अपना सामान बचाने की कोशिश की, लेकिन आग की तीव्रता के कारण कई प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान पहुंचा। आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने के लिए कई दमकल गाड़ियों को तैनात किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, आग बुझाने में कई घंटे लगे। प्रशासन और बचाव दल ने प्रभावित क्षेत्र में राहत कार्य भी चलाया। शिव मार्केट एक व्यस्त व्यावसायिक इलाका है, जहां सूखे मेवे, कंबल, कपड़े और खाने-पीने की दुकानों सहित कई तरह के प्रतिष्ठान हैं। बाजार में दुकानों के पास-पास होने के कारण आग तेजी से आसपास की दुकानों तक फैल गई। भाजपा विधायक विक्रम रंधावा के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में एक दुकान में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई गई है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना की जांच और नुकसान का आकलन किए जाने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। आग में बड़ी संख्या में दुकानों के जलने से कारोबारियों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। कई दुकानदारों का सामान और दुकानें पूरी तरह नष्ट होने की आशंका है। नुकसान का अंतिम आंकड़ा प्रशासन के आकलन के बाद ही सामने आएगा। विधायक विक्रम रंधावा ने संकेत दिया कि प्रभावित दुकानदारों को मुआवजा दिलाने के मुद्दे पर प्रशासन के साथ चर्चा की जाएगी। फिलहाल प्राथमिकता आग पर पूरी तरह काबू पाने और नुकसान का आकलन करने की है। शुरुआती मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, घटना में किसी की मौत या घायल होने की सूचना नहीं थी। हालांकि, अंतिम स्थिति की पुष्टि संबंधित अधिकारियों की जानकारी के आधार पर ही की जा सकेगी। जम्मू रेलवे स्टेशन के पास हुई इस घटना ने स्थानीय व्यापारियों के सामने कारोबार दोबारा शुरू करने की चुनौती खड़ी कर दी है। अब प्रभावित दुकानदार प्रशासन से नुकसान के आकलन और राहत सहायता की उम्मीद कर रहे हैं।
