भारत और अमेरिका एक बार फिर व्यापार समझौते पर बातचीत के लिए तैयार हैं। सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक मंगलवार को नई दिल्ली में होगी। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व दक्षिण एशिया के लिए अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच करेंगे। वहीं, भारत की ओर से वाणिज्य मंत्रालय के प्रमुख राजेश अग्रवाल मौजूद रहेंगे। ट्रंप ने रूस से तेल आयात नहीं रोकने पर भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया था। हालांकि, भारत ने तेल आयात नहीं रोका। इसके उलट, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एससीओ बैठक में शामिल होकर रूस और चीन को अपने पक्ष में करके अमेरिका को संदेश दिया। इसके बाद से वाशिंगटन के तेवर धीरे-धीरे नरम पड़ रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था, ‘भारत और अमेरिका व्यापार बाधाओं को दूर करने के लिए बातचीत जारी रखे हुए हैं।’ उनकी इस टिप्पणी के बाद, दोनों देश मंगलवार को व्यापार समझौते पर बातचीत के लिए मेज पर बैठने के लिए तैयार हैं। अंतरराष्ट्रीय संबंध विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप के अचानक नरम हुए तेवर के पीछे कई कारण हैं इसके अलावा, भारत में अमेरिकी उत्पादों का एक बड़ा बाज़ार है। अगर भारत के साथ व्यापार समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका को भारी आर्थिक नुकसान भी होगा।
ट्रंप के तेवर नरम, कहा- भारत के साथ व्यापार समझौते पर अगले हफ्ते होगी चर्चा