उन्होंने 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में हिस्सा लिया था। इस पूर्व भारतीय नौसेना प्रमुख को भी SIR नोटिस मिला है। एडमिरल (रिटायर्ड) अरुण प्रकाश को गोवा में वोटर लिस्ट में चल रही SIR की सुनवाई के लिए बुलाया गया है। इसे लेकर तीखी बहस छिड़ गई है। ऐसे में चुनाव आयोग ने मामले पर सफाई दी है। सोमवार को आयोग ने बताया कि रिटायर्ड एडमिरल ने गिनती के फॉर्म में पिछली SIR से जुड़ी कई ज़रूरी जानकारी नहीं दी थी। इस वजह से सुनवाई का नोटिस अपने आप जारी हो गया है। SIR नोटिस मिलने के बाद पूर्व नौसेना प्रमुख ने सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा ज़ाहिर किया। इस तरह की परेशानी के लिए कई राजनीतिक पार्टियों ने भी आयोग के खिलाफ आवाज़ उठाई है। ऐसे में संबंधित ERO मेडोरा एर्मोमिला डी’कोस्टा ने कहा कि करतालिम विधानसभा के संबंधित बूथ के BLO ने पूर्व एडमिरल का फॉर्म लिया था। इसे सही तरीके से नहीं भरा गया था। पूर्व नेवी चीफ के फॉर्म में वोटर का नाम, EPIC नंबर, रिश्तेदार का नाम, चुनाव क्षेत्र का नाम, पार्ट नंबर, सीरियल नंबर जैसी ज़रूरी डिटेल्स नहीं थीं, जैसा कि पिछली SIR में बताया गया था। इन डिटेल्स के न होने की वजह से BLO ऐप अपने आप गिनती के फॉर्म को वोटर लिस्ट से लिंक नहीं कर सका। इस वजह से पूर्व नेवी चीफ का नाम ‘अनमैप्ड’ लिस्ट में चला गया है। कमीशन ने आगे कहा कि अब पूर्व नेवी चीफ का फॉर्म ठीक से भरने का काम पूरा हो गया है। इसलिए उन्हें दोबारा पेश नहीं होना पड़ेगा।
