73 साल बाद एक बार फिर एक राधाकृष्णन ने देश के दूसरे सबसे बड़े पद की शपथ ली है। सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसदीय प्रक्रिया के अनुसार उन्हें शपथ दिलाई। इससे पहले सर्वपल्ली राधाकृष्णन 1952 में देश के पहले उपराष्ट्रपति बने थे। बाद में देश को राष्ट्रपति के रूप में भी यह प्रख्यात शिक्षाविद् मिले। सात दशक बाद वह इतिहास दोहराया गया है। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्रिमंडल के कई सदस्य मौजूद थे। शपथ लेने के बाद देश के नए उपराष्ट्रपति ने राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। समारोह में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और उनकी पत्नी की मौजूदगी को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। धनखड़ ने संसद सत्र के पहले दिन बीमारी का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया था। उनके अचानक इस्तीफे से राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं।
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने शपथ ली