पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का ‘जनता दरबार’। इस विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री खुद आम जनता की समस्याओं, शिकायतों और मुद्दों को सुन रहे हैं और उनका मौके पर ही निपटारा कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को यहां सॉल्ट लेक स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश कार्यालय में अपना दूसरा ‘जनता दरबार’ आयोजित कर लोगों की शिकायतें सुनीं। सुबह से ही पार्टी कार्यालय के बाहर सैकड़ों लोगों की कतार लग गई, जिनमें बड़ी तादाद में नौकरी के इच्छुक युवा भी थे। मुख्यमंत्री से सीधे मिलने के लिए प्रतीक्षा कर रहे इन लोगों को प्रवेश पर्ची दी गई। अधिकारी ने नौ मई को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद के रूप में शपथ लेने के बाद जनता की समस्याएं सुनने के लिए नियमित ‘जनता दरबार’ आयोजित करने का फैसला किया था। उनका पहला ‘जनता दरबार’ 18 मई को हुआ था। इस शिविर में छात्र व स्थानीय निवासियों सहित काफी संख्या में लोग पहुंचे और बंद कमरे में मुख्यमंत्री से अलग-अलग मुलाकात की। लोगों ने स्थानीय नागरिक समस्याओं से लेकर ‘सिंडिकेट राज’ के आरोपों तक कई तरह की शिकायतें दर्ज कराईं। यह जन-संपर्क पहल सीधे नागरिकों तक पहुंच बना कर शासन का संदेश देने के लिए शुरू की गई जो भाजपा शासित अन्य राज्यों में भी देखने को मिलती है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अपने राज्य में इस तरह के दरबार लगाते हैं, जबकि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी इस तरह की जनता दरबार की पहल की थी।
