मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी 101वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी। वाजपेयी का जन्म आज ही के दिन 1924 में मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुआ था। अटल बिहारी 1996-2004 तक पहली NDA सरकार के प्रधानमंत्री थे। उस समय तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी उनकी कैबिनेट में रेल मंत्री और कोयला मंत्री थीं। ममता ने सोशल मीडिया पर लिखा, “मैं देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि देती हूं।” आज सुबह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में पूर्व प्रधानमंत्री के स्मारक ‘सदैव अटल’ जाकर श्रद्धांजलि दी। इस कार्यक्रम में पूर्व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और BJP के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन मौजूद थे। संसद में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, किरेन रिजिजू, अर्जुन राम मेघवाल, भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर समेत अन्य सांसदों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने वाजपेयी को याद करते हुए एक पोस्ट किया। केंद्र सरकार इस दिन को ‘सुशासन दिवस’ के रूप में मनाती है। भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी को याद करने के लिए भाजपा ने दिन भर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया है। देश के 13वें प्रधानमंत्री वाजपेयी के कार्यकाल में ही पोखरण में परमाणु परीक्षण किया गया था। इस परीक्षण को लेकर दुनिया के कई देशों ने भारत की आलोचना की थी। प्रधानमंत्री के रूप में उनके व्यक्तित्व को आज भी मिसाल के तौर पर रखा जाता है। पाकिस्तान के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंध कैसे होने चाहिए, इस पर भी वाजपेयी ने अपना रुख स्पष्ट किया था। भारत के आर्थिक विकास में उनका योगदान अविस्मरणीय है। पाकिस्तान के साथ भारत का कारगिल युद्ध उनकी सरकार के दौरान ही हुआ था 16 अगस्त 2018 को नई दिल्ली में उनका निधन हो गया। वाजपेयी की याद में प्रधानमंत्री आज दोपहर उत्तर प्रदेश के लखनऊ में ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ गए।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी 101वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी