दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर सियासी टकराव बढ़ गया है। जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे र्व मुख्यमंत्री और AAP नेता अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिए जाने की खबर है। इनके अलावा सौरभ भारद्वाज, केरल के पूर्व सीएम पिनराई विजयन, त्रिपुरा के पूर्व सीएम माणिक सरकार और सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। दोपहर तक 2,000 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा चुका था। इन्हें जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस और मिंटो ब्रिज समेत कई इलाकों से पकड़ा गया। प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे कुछ वकीलों पर भी कार्रवाई हुई। यूट्यूबर ध्रुव राठी को सुबह गुरुग्राम के सेक्टर-56 स्थित उनके घर से हिरासत में लिया गया। वह विदेश से CJP के प्रदर्शन में शामिल होने आए थे। INA के पास से AISA अध्यक्ष नेहा बोरा, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव और दीपांकर भट्टाचार्य के नेतृत्व में विशाल विरोध मार्च जंतर-मंतर की ओर बढ़ा। नेहा बोरा एम्स (AIIMS) के पास से योगेंद्र यादव के साथ इस मार्च में शामिल हुईं। जंतर-मंतर की तरफ कदम बढ़ाते कई वकीलों को भी सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत हिरासत में ले लिया। अभिजीत दीपके मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे। उन्हें एयरपोर्ट पर विमान के अंदर से ही हिरासत में ले लिया गया। उनके साथ CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को भी पुलिस अपने साथ ले गई। हिरासत से पहले दीपके ने पुलिसकर्मियों से कहा कि वे गिरफ्तार होने के लिए ही आए हैं और पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। उन्होंने इस कार्रवाई को तानाशाही बताया। इसी बीच दीपके के परिवार से दुखद खबर आई। उनकी करीब 80 वर्षीय दादी सावित्रीबाई शंकर दीपके का शनिवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के संतुक पिंपरी गांव में अंतिम सांस ली। दीपके मूल रूप से छत्रपति संभाजीनगर के रहने वाले हैं, जबकि संतुक पिंपरी उनका पैतृक गांव है। उनके दादा-दादी वहीं रहते थे। परिवार और गांव में शोक का माहौल है। जानकारी के मुताबिक, अभिजीत के माता-पिता अपने छत्रपति संभाजीनगर स्थित घर ‘शंकर सदन’ से गांव जाने की तैयारी कर रहे थे। दीपके उस समय दिल्ली पुलिस की हिरासत में थे। बीजेपी सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने विपक्षी नेताओं के स्टारलिंक से जुड़े ट्वीट पर निशाना साधा। उन्होंने इस राजनीतिक टकराव को ‘मोदी बनाम मीर जाफर’ बताया। संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि विपक्ष सत्ता पाने के लिए देश को भी दांव पर लगा सकता है और सड़कों पर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि विपक्ष बिना चुनाव जीते सत्ता हासिल करना चाहता है। ये बीजेपी नेता के आरोप हैं, स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य नहीं।