पश्चिम बंगाल के बागुईआटी के सरकार बागान इलाके में हुई हत्या और लूट की वारदात का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा किया है। मामले में पुलिस ने मृतक बलराम राजवंशी के भाई कृष्ण राजवंशी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान कृष्ण के बयान में कई विरोधाभास सामने आए, जिसके बाद जांच की दिशा परिवार के भीतर केंद्रित हो गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कृष्ण राजवंशी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसके बयान में कई असंगतियां सामने आईं। पुलिस ने घटनास्थल की परिस्थितियों और कृष्ण के बयान का मिलान किया, जिसके बाद उस पर शक और गहरा गया। जांच के दौरान घर में मौजूद पालतू कुत्ते के व्यवहार ने भी पुलिस का ध्यान खींचा। जांचकर्ताओं के मुताबिक, अगर कोई अपरिचित व्यक्ति घर में प्रवेश करता तो कुत्ते के भौंकने या शोर मचाने की संभावना थी। हालांकि, घटना के दौरान ऐसा कुछ नहीं हुआ। इसी बिंदु ने पुलिस को यह सोचने पर मजबूर किया कि घर में दाखिल होने वाला व्यक्ति परिवार के लिए अपरिचित नहीं था। पुलिस के मुताबिक, कृष्ण राजवंशी से लगातार पूछताछ की गई। पुलिस सूत्रों का दावा है कि पूछताछ के दौरान कृष्ण ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने वारदात के पीछे की वजह और पूरी साजिश को लेकर उससे पूछताछ की। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में कृष्ण ने बताया कि उसका भाई बलराम दो साल से अधिक समय से बीमार था। उसके इलाज और देखभाल के खर्च को लेकर कथित तौर पर परेशानी थी। पुलिस इसी वजह को हत्या के पीछे बताई गई एक वजह के तौर पर देख रही है। पुलिस के मुताबिक, हत्या के पीछे दूसरी वजह संपत्ति से जुड़ा विवाद बताई गई है। जांच एजेंसियों के अनुसार, बीमारी के खर्च और संपत्ति से जुड़े विवाद को लेकर कृष्ण ने कथित तौर पर हत्या की योजना बनाई थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हत्या के बाद वारदात को लूट का रूप देने की कोशिश की गई। इसके लिए घर की अलमारी तोड़ी गई, ताकि पुलिस और आसपास के लोगों को घटना किसी बाहरी अपराधी द्वारा की गई लूट जैसी लगे और जांच को गुमराह किया जा सके। पुलिस अब गिरफ्तार कृष्ण राजवंशी को सोमवार को बारासात अदालत में पेश करेगी। पुलिस उसे हिरासत में लेकर मामले की आगे जांच करना चाहती है। पूछताछ के दौरान वारदात की पूरी योजना और किसी अन्य व्यक्ति की संभावित भूमिका को लेकर भी जानकारी जुटाई जाएगी।