पश्चिम बंगाल की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के वादे के तहत गुरुवार सुबह न्यूटाउन में ‘अडानी आरोग्य मंदिर’ (Adani Aarogya Mandir) का शिलान्यास किया गया। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी की मौजूदगी में 51.75 एकड़ जमीन पर इस अत्याधुनिक 2,000 बेड वाले अस्पताल का भूमिपूजन संपन्न हुआ। अडानी ग्रुप इस परियोजना में 2,500 करोड़ रुपये का भारी निवेश कर रहा है। इस अस्पताल के 2,000 बेड में से 1,000 बेड विशेष रूप से जरूरतमंद और गरीब मरीजों के लिए आरक्षित रहेंगे, जहां उन्हें पूर्ण रूप से मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी, जबकि बाकी 1,000 बेड का उपयोग व्यावसायिक रूप से किया जाएगा। शुरुआती चरण में अडानी समूह ने न्यूटाउन में 1,000 बेड का अस्पताल बनाने की योजना बनाई थी, जिसमें 500 बेड मुफ्त इलाज के लिए रखे जाने का प्रस्ताव था। हालांकि, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए 13 अगस्त को गौतम अडानी को पत्र लिखकर बेड की संख्या बढ़ाकर 2,000 करने का प्रस्ताव दिया था। अडानी समूह ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए परियोजना की क्षमता और निवेश दोनों को बढ़ा दिया।भूमिपूजन कार्यक्रम से पहले अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने गुरुवार सुबह अपनी पत्नी के साथ कालीघाट मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की थी। न्यूटाउन में प्रस्तावित इस अस्पताल परिसर को केवल इलाज तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे स्वास्थ्य शिक्षा, अनुसंधान (रिसर्च), कुशल जनशक्ति निर्माण और मेडिकल टूरिज्म के केंद्र के रूप में भी विकसित करने की योजना है।अस्पताल में 1,000 बेड गरीबों के लिए आरक्षित होने से राज्य के कई मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने, ओपीडी (OPD) सेवाओं और डायग्नोस्टिक परीक्षणों का सीधा लाभ मिलेगा। राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ के अनुसार, इस परियोजना का निर्माण कार्य समय पर पूरा हो, इसके लिए सरकार पूरी निगरानी रखेगी। उम्मीद जताई जा रही है कि 3 साल के भीतर निर्माण कार्य पूरा कर अस्पताल की सेवाएं पूर्ण रूप से शुरू कर दी जाएंगी।राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद इसे एक महत्वपूर्ण निवेश माना जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
