डायमंड हार्बर से तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी के जन्मदिन की रात कोलकाता के कालीघाट स्थित उनके आवास के बाहर जमकर हंगामा हुआ। तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के कार्यकर्ता एवं समर्थक आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच तीखी नारेबाजी के बाद धक्का-मुक्की और हाथापाई शुरू हो गई। इस घटना में दोनों पक्षों के कई लोगों के घायल होने की खबर है। हालात बिगड़ने के बाद मौके पर पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती करनी पड़ी। घटना से नाराज अभिषेक बनर्जी रातभर अपने आवास के बाहर बैठे रहे। इस दौरान पुलिस अधिकारियों के साथ भी उनकी तीखी बहस हुई। जानकारी के मुताबिक, शनिवार देर रात अभिषेक बनर्जी के जन्मदिन के मौके पर बड़ी संख्या में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता और समर्थक उनके कालीघाट स्थित आवास के बाहर जमा हुए थे। आरोप है कि रात करीब दो बजे बीजेपी कार्यकर्ताओं का एक समूह वहां पहुंचा और ‘चोर-चोर’ के नारे लगाने लगा। इस दौरान अभिषेक बनर्जी के कटआउट, तस्वीरों और बैनरों को तोड़ने तथा फाड़ने का भी आरोप लगाया गया। इसका विरोध करने पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों ओर से धक्का-मुक्की और हाथापाई होने लगी। इस दौरान कई तृणमूल समर्थक घायल हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग किया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत होता दिखाई दे रहा था, लेकिन कुछ देर बाद एक बार फिर तनाव बढ़ गया। अभिषेक बनर्जी खुद अपने आवास से नीचे आ गए। इसी दौरान बीजेपी समर्थक दोबारा उनके घर के सामने पहुंचे और ‘गाय चोर’ के नारे लगाने लगे। इसके जवाब में अभिषेक के समर्थकों ने भी उनके समर्थन में नारेबाजी शुरू कर दी। दोनों पक्षों के बीच ‘गाय चोर’ और ‘मछली चोर’ जैसे नारों के साथ लगातार आरोप-प्रत्यारोप होते रहे। पुलिस की मौजूदगी में भी दोनों ओर से नारेबाजी जारी रही। बीजेपी समर्थक मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की तस्वीर वाले बैनर लेकर पहुंचे थे, जबकि तृणमूल समर्थक अभिषेक बनर्जी के कटआउट और तस्वीरों के साथ उनके समर्थन में नारे लगा रहे थे। लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए घटनास्थल पर पुलिस बल की संख्या बढ़ा दी गई। इसके अलावा स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को भी तैनात किया गया। बताया जा रहा है कि रात करीब दो बजे के बाद से अभिषेक बनर्जी अपने समर्थकों के साथ आवास के बाहर ही बैठे रहे। पुलिस अधिकारियों ने जब अभिषेक बनर्जी से घर के अंदर जाने का आग्रह किया, तो इस बात को लेकर उनके और पुलिस के बीच तीखी बहस हो गई। रात गुजरने और सुबह होने के बाद भी अभिषेक का अपने आवास के बाहर बैठना जारी रहा। दूसरी ओर, बीजेपी समर्थकों ने घटना को लेकर अलग दावा किया है। उनका आरोप है कि वे काली पूजा की प्रतिमा लेकर जा रहे थे। इसी दौरान तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उन्हें निशाना बनाकर नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो हाथापाई में बदल गई। घटना में बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस, दोनों पक्षों के कई लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। फिलहाल कालीघाट में हुई इस घटना ने पश्चिम बंगाल की सियासत में एक बार फिर तनाव बढ़ा दिया है।
