बिना पुनर्वास के फेरीवालों को हटाना तृणमूल की पॉलिसी नहीं है। हमने हमेशा इस समस्या को इंसानियत के नज़रिए से हल किया है। राज्य में नई सरकार आई और बिना पुनर्वास का कोई इंतज़ाम किए गरीब मेहनतकश लोगों की रोज़ी-रोटी छीन ली। नेता ममता बनर्जी मंगलवार को धर्मतला में Y चैनल के मंच से दहाड़ीं। उन्होंने मांग की कि हज़ारों फेरीवालों के पेट पर लात मारी गई है। दुकानें और घर तोड़ दिए गए हैं। वे अब मज़दूर हैं। ऐसे में उन्हें तुरंत मुआवज़ा मिलना चाहिए। जब से BJP सत्ता में आई है, हर दिन रात के अंधेरे में फेरीवालों को हटाया जा रहा है। बिना किसी पुनर्वास प्लान के उनकी रोज़ी-रोटी खत्म की जा रही है। बंगाल BJP चुनाव से पहले बड़े मुँह से कहा जाता था कि डर खत्म, गुस्सा अंदर। अब दिख रहा है कि इसका उल्टा हो रहा है। BJP अंदर है और फेरीवाले बाहर। हज़ारों परिवार डर और अनिश्चितता में अपने दिन बिता रहे हैं। अनगिनत परिवारों का भरोसा रातों-रात टूट गया है। यह BJP का डबल इंजन मॉडल है। अमीरों के लिए आराम और काम, और गरीबों के लिए मुश्किल और दर्द।
