बम धमाके में 31 लोगों की मौत हो गई। 169 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं। उनमें से कई की हालत गंभीर है। मरने वालों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। यह आत्मघाती धमाका इस्लामाबाद के तरलाई इलाके में एक मस्जिद के बाहर शुक्रवार की नमाज़ के दौरान हुआ। अभी तक किसी ने हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि, जांच करने वालों का शुरुआती मानना है कि हमले के पीछे आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान का हाथ है। खबर है कि आतंकवादी संगठन के एक सदस्य ने मस्जिद में घुसने की कोशिश की। उसे सिक्योरिटी गार्ड ने रोक दिया। फिर आतंकवादी ने वहीं बम फोड़ दिया। प्रशासन को डर है कि अगर आतंकवादी किसी तरह मस्जिद में घुस जाता तो मरने वालों की संख्या बढ़ सकती थी। बचाव दल पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। घायलों को एक लोकल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो में दिख रहा है कि प्रशासन स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को हॉस्पिटल में भर्ती कराने का इंतज़ाम कर रहा है। पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में कई हमले हुए हैं। इनमें हाला में हुई कई घटनाओं में तहरीक-ए-तालिबान-पाकिस्तान का नाम सीधे तौर पर शामिल रहा है। कई घटनाओं में बलूचिस्तान के अलग-अलग अलगाववादी संगठन शामिल थे। लेकिन इस्लामाबाद में हाल के दिनों में ऐसे धमाके नहीं देखे गए हैं। इस बार हमला वहीं हुआ। तहरीक-ए-तालिबान-पाकिस्तान के अफगान तालिबान के साथ करीबी रिश्ते हैं। इसके अलावा, वे इस्लामिक स्टेट्स के साथ मिलकर कई तोड़फोड़ की गतिविधियों में शामिल थे। इस बार इस मिलिटेंट संगठन का निशाना इस्लामाबाद की एक मस्जिद है।
इस्लामाबाद मस्जिद में बड़ा धमाका, 31 की मौत, 169 घायल