मोदी ने बजट सत्र की शुरुआत में भारत-EU डील की तारीफ़ की

बजट सेशन की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण में भारत-यूरोपियन यूनियन के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का ज़िक्र छाया रहा। क्या मोदी इसके ज़रिए वॉशिंगटन को कोई साफ़ मैसेज देना चाहते थे? गुरुवार को पार्लियामेंट परिसर में बोलते हुए मोदी ने कहा कि यूरोपियन यूनियन के साथ भारत का ट्रेड एग्रीमेंट प्रोडक्ट बनाने वालों के लिए अच्छी खबर है। प्रधानमंत्री ने उनसे नए मार्केट का फ़ायदा उठाने की अपील की। ​​मोदी के मुताबिक, देश लंबे समय से चली आ रही समस्याओं से बाहर आ रहा है। इतना ही नहीं, बल्कि लंबे समय के समाधानों पर भी काम कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, “अब समाधान खोजने का समय है। रुकावटें पैदा करने का नहीं।” प्रधानमंत्री के मुताबिक, उनकी सरकार सिर्फ़ फ़ाइलों तक सीमित नहीं है। बल्कि, यह पक्का कर रही है कि भलाई के प्रोजेक्ट्स का फ़ायदा लोगों तक पहुंचे। बजट सेशन की शुरुआत में संसद परिसर में परंपरा के मुताबिक बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “देश के हर तरह के विकास के लिए कदम उठाना हमारी प्राथमिकता है। जो हमेशा इंसानियत पर केंद्रित है।” उन्होंने यह भी कहा, “आत्मविश्वास से भरा भारत दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरा है। यूरोपियन यूनियन के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) भारत के लिए बहुत ज़रूरी है।” मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों से अपील करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “एक नया मार्केट खुल गया है। जो यूरोपियन यूनियन के 27 सदस्य देशों को क्वालिटी प्रोडक्ट सप्लाई करेगा।” भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर मंगलवार को साइन हुए। इसे दोनों तरफ से ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ बताया गया। इस एग्रीमेंट के तहत, 93 परसेंट भारतीय प्रोडक्ट्स को यूरोपियन यूनियन के 27 देशों में ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलेगा। दूसरी तरफ, यह भी कहा जा रहा है कि EU से लग्जरी कारों और वाइन का इंपोर्ट कम महंगा होगा। लगभग दो दशकों की बातचीत के बाद हुए इस एग्रीमेंट से दुनिया की चौथी सबसे बड़ी इकॉनमी भारत और दूसरी सबसे बड़ी इकॉनमी यूरोपियन यूनियन के सदस्य देशों में लगभग दो अरब लोगों का मार्केट बनने की उम्मीद है। बुधवार को संसद के दोनों सदनों के जॉइंट सेशन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के भाषण का ज़िक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भाषण 140 करोड़ नागरिकों के भरोसे का इज़हार है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति के भाषण में युवाओं की उम्मीदों का भी ज़िक्र हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण रविवार को 2026-27 का यूनियन बजट पेश करने वाली हैं। वह देश की अकेली महिला फाइनेंस मिनिस्टर हैं जो लगातार नौवीं बार देश का बजट पेश करेंगी। प्रधानमंत्री के शब्दों में, “यह भारतीय लोकतंत्र का एक बहुत ही शानदार चैप्टर है।”

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