IPAC ED रेड के बाद ED और तृणमूल कांग्रेस की तरफ से हाई कोर्ट में फाइल किए गए केस की सुनवाई बुधवार को कलकत्ता हाई कोर्ट में शुरू हुई। लेकिन सुनवाई की शुरुआत में ही ED के वकील ने हाई कोर्ट में केस पर स्टे लगाने की रिक्वेस्ट फाइल की। हाई कोर्ट में ED की तरफ से वकील ASG राजू ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट में भी ऐसी ही एक एप्लीकेशन फाइल की गई है। एक हफ्ते में सुनवाई होगी। हाई कोर्ट ने कुछ दिनों के लिए केस पर स्टे लगाया था। इसे कुछ और दिनों के लिए स्टे रहने दें। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई देखने के बाद इस कोर्ट में केस की सुनवाई होने दें।” लेकिन फिर तृणमूल की वकील मेनका गुरुस्वामी ने कहा, “हमें सुप्रीम कोर्ट में ED की एप्लीकेशन के बारे में पता नहीं है। हमने कोई कैविएट फाइल नहीं की है। मैं विक्टिम हूं। मेरी एप्लीकेशन पर सुनवाई होने दें।” इसके बाद ASG राजू ने कहा, “मेरा माइक्रोफोन हर पल बंद किया जा रहा है। मैं देश का एडिशनल सॉलिसिटर जनरल हूं। मैं ED और केंद्र सरकार का वकील हूं। मुझे इस तरह क्यों रोका जा रहा है? मुझे कोर्ट से इस तरह के व्यवहार की उम्मीद नहीं है।” ASG राजू ने आगे कहा, “जब तक ममता बनर्जी और DGP को तृणमूल कांग्रेस द्वारा दायर केस में पार्टी बनाया जाता है, तब तक इस केस की सुनवाई नहीं हो सकती।” ED ने आरोप लगाया, “ममता बनर्जी ED ऑपरेशन के डॉक्यूमेंट्स ले गई हैं। वे डॉक्यूमेंट्स ED को वापस कर दिए जाने चाहिए। क्योंकि ED ने कोई डॉक्यूमेंट्स सीज नहीं किए हैं।”
ED ने कलकत्ता हाई कोर्ट से IPAC केस में सुनवाई टालने की रिक्वेस्ट की